4 फिर फ़िलिस्ती सफ़ों से जात शहर का पहलवान निकलकर इसराईलियों के सामने खड़ा हुआ। उसका नाम जालूत था और वह 9 फ़ुट से ज़्यादा लंबा था।
33 साऊल बोला, "आप? आप जैसा लड़का किस तरह उसका मुक़ाबला कर सकता है? आप तो अभी बच्चे से हो जबकि वह तजरबाकार जंगजू है जो जवानी से हथियार इस्तेमाल करता आया है।"
37 जिस रब ने मुझे शेर और रीछ के पंजे से बचा लिया है वह मुझे इस फ़िलिस्ती के हाथ से भी बचाएगा।"
साऊल बोला, "ठीक है, जाएँ और रब आपके साथ हो।" 40 उसने नदी से पाँच चिकने चिकने पत्थर चुनकर उन्हें अपनी चरवाहे की थैली में डाल लिया। फिर चरवाहे की अपनी लाठी और फ़लाख़न पकड़कर वह फ़िलिस्ती से लड़ने के लिए इसराईली सफ़ों से निकला।
45 दाऊद ने जवाब दिया, "आप तलवार, नेज़ा और शमशेर लेकर मेरा मुक़ाबला करने आए हैं, लेकिन मैं रब्बुल-अफ़वाज का नाम लेकर आता हूँ, उसी का नाम जो इसराईली फ़ौज का ख़ुदा है। क्योंकि आपने उसी को चैलेंज किया है।
49 चलते चलते उसने अपनी थैली से पत्थर निकाला और उसे फ़लाख़न में रखकर ज़ोर से चलाया। पत्थर उड़ता उड़ता फ़िलिस्ती के माथे पर जा लगा। वह खोपड़ी में धँस गया, और पहलवान मुँह के बल गिर गया।