दाऊद और यूनतन की दोस्ती
1 इस गुफ़्तगू के बाद दाऊद की मुलाक़ात बादशाह के बेटे यूनतन से हुई। उनमें फ़ौरन गहरी दोस्ती पैदा हो गई, और यूनतन दाऊद को अपनी जान के बराबर अज़ीज़ रखने लगा। 3 और यूनतन ने दाऊद से अहद बाँधा, क्योंकि वह दाऊद को अपनी जान के बराबर अज़ीज़ रखता था। 4 अहद की तसदीक़ के लिए यूनतन ने अपना चोग़ा उतारकर उसे अपने ज़िरा-बकतर, तलवार, कमान और पेटी समेत दाऊद को दे दिया।