41 लड़का चला गया तो दाऊद पत्थर के ढेर के जुनूब से निकलकर यूनतन के पास आया। तीन मरतबा वह यूनतन के सामने मुँह के बल झुक गया। एक दूसरे को चूमकर दोनों ख़ूब रोए, ख़ासकर दाऊद। 42 फिर यूनतन बोला, "सलामती से जाएँ! और कभी वह वादे न भूलें जो हमने रब की क़सम खाकर एक दूसरे से किए हैं। यह अहद आपके और मेरे और आपकी और मेरी औलाद के दरमियान हमेशा क़ायम रहे। रब ख़ुद हमारा गवाह है।"
फिर दाऊद रवाना हुआ, और यूनतन शहर को वापस चला गया।