दो हैवान
1 फिर मैंने देखा कि समुंदर में से एक हैवान निकल रहा है। उसके दस सींग और सात सर थे। हर सींग पर एक ताज और हर सर पर कुफ़र का एक नाम था। 2 यह हैवान चीते की मानिंद था। लेकिन उसके रीछ के-से पाँव और शेरबबर का-सा मुँह था। अज़दहे ने इस हैवान को अपनी क़ुव्वत, अपना तख़्त और बड़ा इख़्तियार दे दिया।