1 इसके बाद मैंने आसमान पर एक बड़े हुजूम की-सी आवाज़ सुनी जिसने कहा, "अल्लाह की तमजीद हो! नजात, जलाल और क़ुदरत हमारे ख़ुदा को हासिल है। 2 क्योंकि उस की अदालतें सच्ची और रास्त हैं। उसने उस बड़ी कसबी को मुजरिम ठहराया है जिसने ज़मीन को अपनी ज़िनाकारी से बिगाड़ दिया। उसने उससे अपने ख़ादिमों की क़त्लो-ग़ारत का बदला ले लिया है।" 3 और वह दुबारा बोल उठे, "अल्लाह की तमजीद हो! इस शहर का धुआँ अबद तक चढ़ता रहता है।"
Domínio Público. Esta tradução bíblica de domínio público é trazida a você por cortesia de eBible.org.