नया आसमान और नई ज़मीन
1 फिर मैंने एक नया आसमान और एक नई ज़मीन देखी। क्योंकि पहला आसमान और पहली ज़मीन ख़त्म हो गए थे और समुंदर भी नेस्त था। 2 मैंने नए यरूशलम को भी देखा। यह मुक़द्दस शहर दुलहन की सूरत में अल्लाह के पास से आसमान पर से उतर रहा था। और यह दुलहन अपने दूल्हे के लिए तैयार और सजी हुई थी। 3 मैंने एक आवाज़ सुनी जिसने तख़्त पर से कहा, "अब अल्लाह की सुकूनतगाह इनसानों के दरमियान है। वह उनके साथ सुकूनत करेगा और वह उस की क़ौम होंगे। अल्लाह ख़ुद उनका ख़ुदा होगा।