हननियाह और सफ़ीरा
1 एक और आदमी था जिसने अपनी बीवी के साथ मिलकर अपनी कोई ज़मीन बेच दी। उनके नाम हननियाह और सफ़ीरा थे। 2 लेकिन हननियाह पूरी रक़म रसूलों के पास न लाया बल्कि उसमें से कुछ अपने लिए रख छोड़ा और बाक़ी रसूलों के पाँवों में रख दिया। उस की बीवी भी इस बात से वाक़िफ़ थी। 3 लेकिन पतरस ने कहा, "हननियाह, इबलीस ने आपके दिल को यों क्यों भर दिया है कि आपने रूहुल-क़ुद्स से झूट बोला है? क्योंकि आपने ज़मीन की रक़म के कुछ पैसे अपने पास रख लिए हैं। 4 क्या यह ज़मीन फ़रोख़्त करने से पहले आपकी नहीं थी? और उसे बेचकर क्या आप पैसे जैसे चाहते इस्तेमाल नहीं कर सकते थे? आपने क्यों अपने दिल में यह ठान लिया? आपने हमें नहीं बल्कि अल्लाह को धोका दिया है।"