7 हर ख़ानदान अपने जानवर का कुछ ख़ून जमा करके उसे उस घर के दरवाज़े की चौखट पर लगाए जहाँ लेला खाया जाएगा। यह ख़ून चौखट के ऊपरवाले हिस्से और दाएँ बाएँ के बाज़ुओं पर लगाया जाए।
12 मैं आज रात मिसर में से गुज़रूँगा और हर पहलौठे को जान से मार दूँगा, ख़ाह इनसान का हो या हैवान का। यों मैं जो रब हूँ मिसर के तमाम देवताओं की अदालत करूँगा। 13 लेकिन तुम्हारे घरों पर लगा हुआ ख़ून तुम्हारा ख़ास निशान होगा। जिस जिस घर के दरवाज़े पर मैं वह ख़ून देखूँगा उसे छोड़ता जाऊँगा। जब मैं मिसर पर हमला करूँगा तो मोहलक वबा तुम तक नहीं पहुँचेगी।