अय्यूब के तीन दोस्त
11 अय्यूब के तीन दोस्त थे। उनके नाम इलीफ़ज़ तेमानी, बिलदद सूख़ी और ज़ूफ़र नामाती थे। जब उन्हें इत्तला मिली कि अय्यूब पर यह तमाम आफ़त आ गई है तो हर एक अपने घर से रवाना हुआ। उन्होंने मिलकर फ़ैसला किया कि इकट्ठे अफ़सोस करने और अय्यूब को तसल्ली देने जाएंगे। 12 जब उन्होंने दूर से अपनी नज़र उठाकर अय्यूब को देखा तो उस की इतनी बुरी हालत थी कि वह पहचाना नहीं जाता था। तब वह ज़ारो-क़तार रोने लगे। अपने कपड़े फाड़कर उन्होंने अपने सरों पर ख़ाक डाली। 13 फिर वह उसके साथ ज़मीन पर बैठ गए। सात दिन और सात रात वह इसी हालत में रहे। इस पूरे अरसे में उन्होंने अय्यूब से एक भी बात न की, क्योंकि उन्होंने देखा कि वह शदीद दर्द का शिकार है।