16 और मैं बाप से गुज़ारिश करूँगा तो वह तुमको एक और मददगार देगा जो अबद तक तुम्हारे साथ रहेगा 17 यानी सच्चाई का रूह, जिसे दुनिया पा नहीं सकती, क्योंकि वह न तो उसे देखती न जानती है। लेकिन तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है और आइंदा तुम्हारे अंदर रहेगा।
18 मैं तुमको यतीम छोड़कर नहीं जाऊँगा बल्कि तुम्हारे पास वापस आऊँगा।
26 लेकिन बाद में रूहुल-क़ुद्स, जिसे बाप मेरे नाम से भेजेगा तुमको सब कुछ सिखाएगा। यह मददगार तुमको हर बात की याद दिलाएगा जो मैंने तुमको बताई है।