ईसा का पतरस से सवाल
15 नाश्ते के बाद ईसा शमौन पतरस से मुख़ातिब हुआ, "यूहन्ना के बेटे शमौन, क्या तू इनकी निसबत मुझसे ज़्यादा मुहब्बत करता है?"
उसने जवाब दिया, "जी ख़ुदावंद, आप तो जानते हैं कि मैं आपको प्यार करता हूँ।"
ईसा बोला, "फिर मेरे लेलों को चरा।" 16 तब ईसा ने एक और मरतबा पूछा, "शमौन यूहन्ना के बेटे, क्या तू मुझसे मुहब्बत करता है?"
उसने जवाब दिया, "जी ख़ुदावंद, आप तो जानते हैं कि मैं आपको प्यार करता हूँ।"
ईसा बोला, "फिर मेरी भेड़ों की गल्लाबानी कर।" 17 तीसरी बार ईसा ने उससे पूछा, "शमौन यूहन्ना के बेटे, क्या तू मुझे प्यार करता है?"
तीसरी दफ़ा यह सवाल सुनने से पतरस को बड़ा दुख हुआ। उसने कहा, "ख़ुदावंद, आपको सब कुछ मालूम है। आप तो जानते हैं कि मैं आपको प्यार करता हूँ।"
ईसा ने उससे कहा, "मेरी भेड़ों को चरा।
18 मैं तुझे सच बताता हूँ कि जब तू जवान था तो तू ख़ुद अपनी कमर बाँधकर जहाँ जी चाहता घुमता-फिरता था। लेकिन जब तू बूढ़ा होगा तो तू अपने हाथों को आगे बढ़ाएगा और कोई और तेरी कमर बाँधकर तुझे ले जाएगा जहाँ तेरा दिल नहीं करेगा।" 19 (ईसा की यह बात इस तरफ़ इशारा थी कि पतरस किस क़िस्म की मौत से अल्लाह को जलाल देगा।) फिर उसने उसे बताया, "मेरे पीछे चल।"