समसून की फ़िलिस्ती औरत से शादी
1 एक दिन समसून तिमनत में फ़िलिस्तियों के पास ठहरा हुआ था। वहाँ उसने एक फ़िलिस्ती औरत देखी जो उसे पसंद आई। 2 अपने घर लौटकर उसने अपने वालिदैन को बताया, "मुझे तिमनत की एक फ़िलिस्ती औरत पसंद आई है। उसके साथ मेरा रिश्ता बाँधने की कोशिश करें।" 3 उसके वालिदैन ने जवाब दिया, "क्या आपके रिश्तेदारों और क़ौम में कोई क़ाबिले-क़बूल औरत नहीं है? आपको नामख़तून और बेदीन फ़िलिस्तियों के पास जाकर उनमें से कोई औरत ढूँडने की क्या ज़रूरत थी?" लेकिन समसून बज़िद रहा, "उसी के साथ मेरी शादी कराएँ! वही मुझे ठीक लगती है।"
4 उसके माँ-बाप को मालूम नहीं था कि यह सब कुछ रब की तरफ़ से है जो फ़िलिस्तियों से लड़ने का मौक़ा तलाश कर रहा था। क्योंकि उस वक़्त फ़िलिस्ती इसराईल पर हुकूमत कर रहे थे।