गुमशुदा बेटा
11 ईसा ने अपनी बात जारी रखी। "किसी आदमी के दो बेटे थे। 12 इनमें से छोटे ने बाप से कहा, ‘ऐ बाप, मीरास का मेरा हिस्सा दे दें।’ इस पर बाप ने दोनों में अपनी मिलकियत तक़सीम कर दी। 13 थोड़े दिनों के बाद छोटा बेटा अपना सारा सामान समेटकर अपने साथ किसी दूर-दराज़ मुल्क में ले गया। वहाँ उसने ऐयाशी में अपना पूरा मालो-मता उड़ा दिया। 20 फिर वह उठकर अपने बाप के पास वापस चला गया।
लेकिन वह घर से अभी दूर ही था कि उसके बाप ने उसे देख लिया। उसे तरस आया और वह भागकर बेटे के पास आया और गले लगाकर उसे बोसा दिया। 22 लेकिन बाप ने अपने नौकरों को बुलाया और कहा, ‘जल्दी करो, बेहतरीन सूट लाकर इसे पहनाओ। इसके हाथ में अंगूठी और पाँवों में जूते पहना दो। 24 क्योंकि यह मेरा बेटा मुरदा था अब ज़िंदा हो गया है, गुम हो गया था अब मिल गया है।’ इस पर वह ख़ुशी मनाने लगे।