नापाक मरीज़ का सुलूक
45 वबाई जिल्दी बीमारी का मरीज़ फटे कपड़े पहने। उसके बाल बिखरे रहें। वह अपनी मूँछों को किसी कपड़े से छुपाए और पुकारता रहे, ‘नापाक, नापाक।’ 46 जिस वक़्त तक वबाई जिल्दी बीमारी लगी रहे वह नापाक है। वह इस दौरान ख़ैमागाह के बाहर जाकर तनहाई में रहे।
Domínio Público. Esta tradução bíblica de domínio público é trazida a você por cortesia de eBible.org.