बेवा का चंदा
41 ईसा बैतुल-मुक़द्दस के चंदे के बक्स के मुक़ाबिल बैठ गया और हुजूम को हदिये डालते हुए देखने लगा। कई अमीर बड़ी बड़ी रक़में डाल रहे थे। 42 फिर एक ग़रीब बेवा भी वहाँ से गुज़री जिसने उसमें ताँबे के दो मामूली-से सिक्के डाल दिए। 43 ईसा ने शागिर्दों को अपने पास बुलाकर कहा, "मैं तुमको सच बताता हूँ कि इस ग़रीब बेवा ने तमाम लोगों की निसबत ज़्यादा डाला है। 44 क्योंकि इन सबने अपनी दौलत की कसरत से दे दिया जबकि उसने ज़रूरतमंद होने के बावुजूद भी अपने गुज़ारे के सारे पैसे दे दिए हैं।"