36 "उस्ताद, शरीअत में सबसे बड़ा हुक्म कौन-सा है?"
37 ईसा ने जवाब दिया, "‘रब अपने ख़ुदा से अपने पूरे दिल, अपनी पूरी जान और अपने पूरे ज़हन से प्यार करना।’ 38 यह अव्वल और सबसे बड़ा हुक्म है।
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