नहमियाह का अच्छा नमूना
14 मैं कुल बारह साल सूबा यहूदाह का गवर्नर रहा यानी अर्तख़शस्ता बादशाह की हुकूमत के 20वें साल से उसके 32वें साल तक। इस पूरे अरसे में न मैंने और न मेरे भाइयों ने वह आमदनी ली जो हमारे लिए मुक़र्रर की गई थी। 15 असल में माज़ी के गवर्नरों ने क़ौम पर बड़ा बोझ डाल दिया था। उन्होंने रिआया से न सिर्फ़ रोटी और मै बल्कि फ़ी दिन चाँदी के 40 सिक्के भी लिए थे। उनके अफ़सरों ने भी आम लोगों से ग़लत फ़ायदा उठाया था। लेकिन चूँकि मैं अल्लाह का ख़ौफ़ मानता था, इसलिए मैंने उनसे ऐसा सुलूक न किया। 16 मेरी पूरी ताक़त फ़सील की तकमील में सर्फ़ हुई, और मेरे तमाम मुलाज़िम भी इस काम में शरीक रहे। हममें से किसी ने भी ज़मीन न ख़रीदी। 17 मैंने कुछ न माँगा हालाँकि मुझे रोज़ाना यहूदाह के 150 अफ़सरों की मेहमान-नवाज़ी करनी पड़ती थी। उनमें वह तमाम मेहमान शामिल नहीं हैं जो गाहे बगाहे पड़ोसी ममालिक से आते रहे। 18 रोज़ाना एक बैल, छः बेहतरीन भेड़-बकरियाँ और बहुत-से परिंदे मेरे लिए ज़बह करके तैयार किए जाते, और दस दस दिन के बाद हमें कई क़िस्म की बहुत-सी मै ख़रीदनी पड़ती थी। इन अख़राजात के बावुजूद मैंने गवर्नर के लिए मुक़र्ररा वज़ीफ़ा न माँगा, क्योंकि क़ौम पर बोझ वैसे भी बहुत ज़्यादा था।
19 ऐ मेरे ख़ुदा, जो कुछ मैंने इस क़ौम के लिए किया है उसके बाइस मुझ पर मेहरबानी कर।
Domínio Público. Esta tradução bíblica de domínio público é trazida a você por cortesia de eBible.org.