6 लेकिन वह हमें इससे कहीं ज़्यादा फ़ज़ल बख़्शता है। कलामे-मुक़द्दस यों फ़रमाता है, "अल्लाह मग़रूरों का मुक़ाबला करता लेकिन फ़रोतनों पर मेहरबानी करता है।"
7 ग़रज़, अल्लाह के ताबे हो जाएँ। इबलीस का मुक़ाबला करें तो वह भाग जाएगा। 8 अल्लाह के क़रीब आ जाएँ तो वह आपके क़रीब आएगा। गुनाहगारो, अपने हाथों को पाक-साफ़ करें। दोदिलो, अपने दिलों को मख़सूसो-मुक़द्दस करें। 9 अफ़सोस करें, मातम करें, ख़ूब रोएँ। आपकी हँसी मातम में बदल जाए और आपकी ख़ुशी मायूसी में। 10 अपने आपको ख़ुदावंद के सामने नीचा करें तो वह आपको सरफ़राज़ करेगा।