10 Milagres de Jesus na Bíblia: Lista com versículos e explicação
Os milagres de Jesus são muito mais do que demonstrações de poder sobrenatural; eles são sinais que confirmam sua divindade e missão. Ao longo dos Evangelhos, vemos Cristo curando enfermos, dominando a natureza e vencendo a morte.
Neste guia, selecionamos 10 milagres de Jesus na Bíblia, organizados com referências e uma breve explicação sobre o impacto espiritual de cada um deles.
Os principais milagres de Jesus nos Evangelhos
1. Transformação da Água em Vinho
Referência: João 2:1-11
Explicação: Ocorreu nas Bodas de Caná. Sendo o seu primeiro milagre público, Jesus demonstrou autoridade sobre a matéria e a natureza, revelando sua glória aos discípulos e abençoando a instituição da família.
काना में निकाह
फिर तीसरे दिन काना — ए — गलील में एक शादी हुई और ईसा की माँ वहाँ थी। ईसा और उसके शागिर्दों की भी उस शादी में दा’वत थी। और जब मय ख़त्म हो चुकी, तो ईसा की माँ ने उससे कहा, "उनके पास मय नहीं रही।" ईसा ने उससे कहा, "ऐ माँ मुझे तुझ से क्या काम है? अभी मेरा वक़्त नहीं आया है।" उसकी माँ ने ख़ादिमों से कहा, "जो कुछ ये तुम से कहे वो करो।" वहाँ यहूदियों की पाकी के दस्तूर के मुवाफ़िक़ पत्थर के छे:मटके रख्खे थे, और उनमें दो — दो, तीन — तीन मन की गुंजाइश थी। ईसा ने उनसे कहा, "मटकों में पानी भर दो।" पस उन्होंने उनको पूरा भर दिया। फिर उसने उन से कहा, "अब निकाल कर मीरे मजलिस के पास ले जाओ।" पस वो ले गए। जब मजलिस के सरदार ने वो पानी चखा, जो मय बन गया था और जानता न था कि ये कहाँ से आई है (मगर ख़ादिम जिन्होंने पानी भरा था जानते थे), तो मजलिस के सरदार ने दुल्हा को बुलाकर उससे कहा, "हर शख़्स पहले अच्छी मय पेश करता है और नाक़िस उस वक़्त जब पीकर छक गए, मगर तूने अच्छी मय अब तक रख छोड़ी है।" ये पहला मोजिज़ा ईसा ने क़ाना — ए — गलील में दिखाकर, अपना जलाल ज़ाहिर किया और उसके शागिर्द उस पर ईमान लाए।
2. Cura do cego de nascença
Referência: João 9:1-12
Explicação: Jesus usa lodo para curar um homem que nunca havia enxergado. Este milagre prova que Ele é a Luz do Mundo e tem poder para restaurar o que nasceu com defeito.
येसु का एक जन्म के अन्धे को ठीक करना
चलते चलते ईसा ने एक आदमी को देखा जो पैदाइशी अंधा था। उस के शागिर्दों ने उस से पूछा, "उस्ताद, यह आदमी अंधा क्यूँ पैदा हुआ? क्या इस का कोई गुनाह है या इस के वालिदैन का?" ईसा ने जवाब दिया, "न इस का कोई गुनाह है और न इस के वालिदैन का। यह इस लिए हुआ कि इस की ज़िन्दगी में ख़ुदा का काम ज़ाहिर हो जाए। अभी दिन है। ज़रूरी है कि हम जितनी देर तक दिन है उस का काम करते रहें जिस ने मुझे भेजा है। क्यूँकि रात आने वाली है, उस वक़्त कोई काम नहीं कर सकेगा। लेकिन जितनी देर तक मैं दुनियाँ में हूँ उतनी देर तक मैं दुनियाँ का नूर हूँ।" यह कह कर उस ने ज़मीन पर थूक कर मिट्टी सानी और उस की आँखों पर लगा दी। उस ने उस से कहा, "जा, शिलोख़ के हौज़ में नहा ले।" (शिलोख़ का मतलब 'भेजा हुआ' है)। अंधे ने जा कर नहा लिया। जब वापस आया तो वह देख सकता था। उस के साथी और वह जिन्हों ने पहले उसे भीख माँगते देखा था पूछने लगे, "क्या यह वही नहीं जो बैठा भीख माँगा करता था?" बाज़ ने कहा, "हाँ, वही है।" औरों ने इन्कार किया, "नहीं, यह सिर्फ़ उस का हमशक्ल है।" लेकिन आदमी ने ख़ुद इस्रार किया, "मैं वही हूँ।" उन्हों ने उस से सवाल किया, "तेरी आँखें किस तरह सही हुईं?" उस ने जवाब दिया, "वह आदमी जो ईसा कहलाता है उस ने मिट्टी सान कर मेरी आँखों पर लगा दी। फिर उस ने मुझे कहा, ‘शिलोख़ के हौज़ पर जा और नहाले।’ मैं वहाँ गया और नहाते ही मेरी आँखें सही हो गई। उन्हों ने पूछा, वह कहाँ है? उसने कहा, मैं नहीं जानता"
3. Multiplicação dos pães e peixes
Referência: Mateus 14:13-21
Explicação: Com apenas cinco pães e dois peixes, Jesus alimentou mais de 5 mil homens. Este sinal revela Cristo como o Pão da Vida, aquele que supre todas as nossas necessidades.
जब ईसा ने ये सुना तो वहाँ से नाव पर अलग किसी वीरान जगह को रवाना हुआ और लोग ये सुनकर शहर — शहर से पैदल उसके पीछे गए। उसने उतर कर बड़ी भीड़ देखी और उसे उन पर तरस आया; और उसने उनके बीमारों को अच्छा कर दिया। जब शाम हुई तो शागिर्द उसके पास आकर कहने लगे "जगह वीरान है और वक़्त गुज़र गया है लोगों को रुख़्सत कर दे ताकि गाँव में जाकर अपने लिए खाना ख़रीद लें।" ईसा ने उनसे कहा, "इन्हें जाने की ज़रूरत नहीं, तुम ही इनको खाने को दो।" उन्होंने उससे कहा "यहाँ हमारे पास पाँच रोटियाँ और दो मछलियों के सिवा और कुछ नहीं।" उसने कहा "वो यहाँ मेरे पास ले आओ," और उसने लोगों को घास पर बैठने का हुक्म दिया। फिर उस ने वो पाँच रोटियों और दो मछलियाँ लीं और आसमान की तरफ़ देख कर बर्क़त दी और रोटियाँ तोड़ कर शागिर्दों को दीं और शागिर्दों ने लोगों को। और सब खाकर सेर हो गए; और उन्होंने बिना इस्तेमाल बचे हुए खाने से भरी हुई बारह टोकरियाँ उठाईं। और खानेवाले औरतों और बच्चों के सिवा पाँच हज़ार मर्द के क़रीब थे।
4. Jesus acalma a tempestade
Referência: Marcos 4:35-41
Explicação: Com uma ordem, o vento e o mar se aquietam. O milagre ensina sobre a paz que excede o entendimento e a autoridade do Messias sobre a criação.
उसी दिन जब शाम हुई तो उसने उनसे कहा "आओ पार चलें।" और वो भीड़ को छोड़ कर उसे जिस हाल में वो था, नाव पर साथ ले चले, और उसके साथ और नावें भी थीं। तब बड़ी आँधी चली और लहरें नाव पर यहाँ तक आईं कि नाव पानी से भरी जाती थी। और वो ख़ुद पीछे की तरफ़ गद्दी पर सो रहा था "पस उन्होंने उसे जगा कर कहा? ऐ उस्ताद क्या तुझे फ़िक्र नहीं कि हम हलाक हुए जाते हैं।" उसने उठकर हवा को डाँटा और पानी से कहा "साकित हो या’नी थम जा!" पस हवा बन्द हो गई, और बड़ा अमन हो गया। फिर उसने कहा "तुम क्यूँ डरते हो? अब तक ईमान नहीं रखते।" और वो निहायत डर गए और आपस में कहने लगे "ये कौन है कि हवा और पानी भी इसका हुक्म मानते हैं।"
5. Cura da mulher com fluxo de sangue
Referência: Marcos 5:25-34
Explicação: Uma cura que aconteceu pelo toque da fé. Jesus mostra que está atento ao sofrimento individual e que a fé é o canal para receber o milagre.
फिर एक औरत जिसके बारह बरस से ख़ून जारी था। और कई हकीमो से बड़ी तकलीफ़ उठा चुकी थी, और अपना सब माल ख़र्च करके भी उसे कुछ फ़ाइदा न हुआ था, बल्कि ज़्यादा बीमार हो गई थी। ईसा का हाल सुन कर भीड़ में उसके पीछे से आई और उसकी पोशाक को छुआ। क्यूँकि वो कहती थी, "अगर में सिर्फ़ उसकी पोशाक ही छू लूँगी तो अच्छी होजाऊँगी" और फ़ौरन उसका ख़ून बहना बन्द हो गया और उसने अपने बदन में मा’लूम किया कि मैंने इस बीमारी से शिफ़ा पाई। ईसा' को फ़ौरन अपने में मा’लूम हुआ कि मुझ में से क़ुव्वत निकली, उस भीड़ में पीछे मुड़ कर कहा, "किसने मेरी पोशाक छुई?" उसके शागिर्दो ने उससे कहा, तू देखता है कि भीड़ तुझ पर गिरी पड़ती है फिर तू कहता है, "मुझे किसने छुआ?" उसने चारों तरफ़ निगाह की ताकि जिसने ये काम किया; उसे देखे। वो औरत जो कुछ उससे हुआ था, महसूल करके डरती और काँपती हुई आई और उसके आगे गिर पड़ी और सारा हाल सच सच उससे कह दिया। उसने उससे कहा, "बेटी तेरे ईमान से तुझे शिफ़ा मिली; सलामती से जा और अपनी इस बीमारी से बची रह।"
6. Libertação do endemoninhado Gadareno
Referência: Marcos 5:1-20
Explicação: Jesus liberta um homem dominado por uma legião de espíritos. É a prova clara de sua autoridade absoluta sobre o reino das trevas.
येसु का एक बदरूह से भरे आदमी को ठीक करना
और वो झील के पार गिरासीनियों के इलाक़े में पहुँचे। जब वो नाव से उतरा तो फ़ौरन एक आदमी जिस में बदरूह थी, क़ब्रों से निकल कर उससे मिला। वो क़ब्रों में रहा करता था और अब कोई उसे ज़ंजीरों से भी न बाँध सकता था। क्यूँकि वो बार बार बेड़ियों और ज़ंजीरों से बाँधा गया था, लेकिन उसने ज़ंजीरों को तोड़ा और बेड़ियों के टुकड़े टुकड़े किया था, और कोई उसे क़ाबू में न ला सकता था। वो हमेशा रात दिन क़ब्रों और पहाड़ों में चिल्लाता और अपने आपको पत्थरों से ज़ख़्मी करता था। वो ईसा को दूर से देखकर दौड़ा और उसे सज्दा किया। और बड़ी आवाज़ से चिल्ला कर कहा "ऐ ईसा ख़ुदा ता’ला के फ़र्ज़न्द मुझे तुझ से क्या काम? तुझे ख़ुदा की क़सम देता हूँ, मुझे ऐज़ाब में न डाल।" क्यूँकि उस ने उससे कहा था, "ऐ बदरूह! इस आदमी में से निकल आ।" फिर उसने उससे पूछा "तेरा नाम क्या है?" उस ने उससे कहा "मेरा नाम लश्कर, है क्यूँकि हम बहुत हैं।" फिर उसने उसकी बहुत मिन्नत की, कि हमें इस इलाक़े से बाहर न भेज। और वहाँ पहाड़ पर ख़िन्जीरों यनी [सूवरों] का एक बड़ा ग़ोल चर रहा था। पस उन्होंने उसकी मिन्नत करके कहा, "हम को उन ख़िन्जीरों यनी [सूवरों] में भेज दे, ताकि हम इन में दाख़िल हों।" पस उसने उनको इजाज़त दी और बदरूहें निकल कर ख़िन्जीरों यनी [सूवरों] में दाख़िल हो गईं, और वो ग़ोल जो कोई दो हज़ार का था किनारे पर से झपट कर झील में जा पड़ा और झील में डूब मरा। और उनके चराने वालों ने भागकर शहर और देहात में ख़बर पहुँचाई। पस लोग ये माजरा देखने को निकलकर ईसा के पास आए, और जिस में बदरूहें या’नी बदरूहों का लश्कर था, उसको बैठे और कपड़े पहने और होश में देख कर डर गए। देखने वालों ने उसका हाल जिस में बदरूहें थीं और ख़िन्जीरों यनी [सूवरों] का माजरा उनसे बयान किया। वो उसकी मिन्नत करने लगे कि हमारी सरहद से चला जा। जब वो नाव में दाख़िल होने लगा तो जिस में बदरूहें थीं उसने उसकी मिन्नत की "मै तेरे साथ रहूँ।" लेकिन उसने उसे इजाज़त न दी बल्कि उस से कहा "अपने लोगों के पास अपने घर जा और उनको ख़बर दे कि ख़ुदावन्द ने तेरे लिए कैसे बड़े काम किए, और तुझ पर रहम किया।" वो गया और दिकपुलिस में इस बात की चर्चा करने लगा, कि ईसा ने उसके लिए कैसे बड़े काम किए, और सब लोग ताअ’ज्जुब करते थे।
7. Ressurreição da filha de Jairo
Referência: Marcos 5:21-43
Explicação: Jesus demonstra que a morte para Ele é como o sono. Ele restaura a vida de uma criança, trazendo esperança para uma família desesperada.
जब ईसा फिर नाव में पार आया तो बड़ी भीड़ उसके पास जमा हुई और वो झील के किनारे था। और इबादतख़ाने के सरदारों में से एक शख़्स याईर नाम का आया और उसे देख कर उसके क़दमों में गिरा। और ये कह कर मिन्नत की, "मेरी छोटी बेटी मरने को है तू आकर अपना हाथ उस पर रख ताकि वो अच्छी हो जाए और ज़िन्दा रहे।" पस वो उसके साथ चला और बहुत से लोग उसके पीछे हो लिए और उस पर गिरे पड़ते थे। फिर एक औरत जिसके बारह बरस से ख़ून जारी था। और कई हकीमो से बड़ी तकलीफ़ उठा चुकी थी, और अपना सब माल ख़र्च करके भी उसे कुछ फ़ाइदा न हुआ था, बल्कि ज़्यादा बीमार हो गई थी। ईसा का हाल सुन कर भीड़ में उसके पीछे से आई और उसकी पोशाक को छुआ। क्यूँकि वो कहती थी, "अगर में सिर्फ़ उसकी पोशाक ही छू लूँगी तो अच्छी होजाऊँगी" और फ़ौरन उसका ख़ून बहना बन्द हो गया और उसने अपने बदन में मा’लूम किया कि मैंने इस बीमारी से शिफ़ा पाई। ईसा' को फ़ौरन अपने में मा’लूम हुआ कि मुझ में से क़ुव्वत निकली, उस भीड़ में पीछे मुड़ कर कहा, "किसने मेरी पोशाक छुई?" उसके शागिर्दो ने उससे कहा, तू देखता है कि भीड़ तुझ पर गिरी पड़ती है फिर तू कहता है, "मुझे किसने छुआ?" उसने चारों तरफ़ निगाह की ताकि जिसने ये काम किया; उसे देखे। वो औरत जो कुछ उससे हुआ था, महसूल करके डरती और काँपती हुई आई और उसके आगे गिर पड़ी और सारा हाल सच सच उससे कह दिया। उसने उससे कहा, "बेटी तेरे ईमान से तुझे शिफ़ा मिली; सलामती से जा और अपनी इस बीमारी से बची रह।" वो ये कह ही रहा था कि इबादतख़ाने के सरदार के यहाँ से लोगों ने आकर कहा, "तेरी बेटी मर गई अब उस्ताद को क्यूँ तकलीफ़ देता है?" जो बात वो कह रहे थे, उस पर ईसा' ने ग़ौर न करके 'इबादतख़ाने के सरदार से कहा, "ख़ौफ़ न कर, सिर्फ़ ऐ’तिक़ाद रख।" फिर उसने पतरस और या’क़ूब और या’क़ूब के भाई यूहन्ना के सिवा और किसी को अपने साथ चलने की इजाज़त न दी। और वो इबादतख़ाने के सरदार के घर में आए, और उसने देखा कि शोर हो रहा है और लोग बहुत रो पीट रहे हैं और अन्दर जाकर उसने कहा, "तुम क्यूँ शोर मचाते और रोते हो, लड़की मरी नहीं बल्कि सोती है।" वो उस पर हँसने लगे, लेकिन वो सब को निकाल कर लड़की के माँ बाप को और अपने साथियों को लेकर जहाँ लड़की पड़ी थी अन्दर गया। और लड़की का हाथ पकड़ कर उससे कहा, "तलीता क़ुमी" जिसका तर्जुमा, "ऐ लड़की! मैं तुझ से कहता हूँ उठ।" वो लड़की फ़ौरन उठ कर चलने फिरने लगी, क्यूँकि वो बारह बरस की थी इस पर लोग बहुत ही हैरान हुए। फिर उसने उनको ताकीद करके हुक्म दिया कि ये कोई न जाने और फ़रमाया; लड़की को कुछ खाने को दिया जाए।
8. Jesus anda sobre as águas
Referência: Mateus 14:22-33
Explicação: Ao caminhar sobre o Mar da Galileia, Jesus mostra que não está sujeito às leis da física. O episódio também serve para tratar a fé e a dúvida no coração de Pedro.
और उसने फ़ौरन शागिर्दों को मजबूर किया कि नाव में सवार होकर उससे पहले पार चले जाएँ जब तक वो लोगों को रुख़्सत करे। और लोगों को रुख़्सत करके तन्हा दुआ करने के लिए पहाड़ पर चढ़ गया; और जब शाम हुई तो वहाँ अकेला था। मगर नाव उस वक़्त झील के बीच में थी और लहरों से डगमगा रही थी; क्यूँकि हवा मुख़ालिफ़ थी। और वो रात के चौथे पहर झील पर चलता हुआ उनके पास आया। शागिर्द उसे झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए और कहने लगे "भूत है," और डर कर चिल्ला उठे। ईसा ने फ़ौरन उन से कहा "इत्मीनान रख्खो! मैं हूँ। डरो मत।" पतरस ने उससे जवाब में कहा "ऐ ख़ुदावन्द, अगर तू है तो मुझे हुक्म दे कि पानी पर चलकर तेरे पास आऊँ।" उस ने कहा, "आ।" पतरस नाव से उतर कर ईसा के पास जाने के लिए पानी पर चलने लगा। मगर जब हवा देखी तो डर गया और जब डूबने लगा तो चिल्ला कर कहा "ऐ ख़ुदावन्द, मुझे बचा!" ईसा ने फ़ौरन हाथ बढ़ा कर उसे पकड़ लिया। और उससे कहा, "ऐ कम ईमान तूने क्यूँ शक किया?" जब वो नाव पर चढ़ आए तो हवा थम गई; जो नाव पर थे, उन्होंने सज्दा करके कहा "यक़ीनन तू ख़ुदा का बेटा है!"
9. Cura do paralítico
Referência: Marcos 2:1-12
Explicação: Jesus cura o corpo, mas primeiro perdoa os pecados. Este milagre estabelece que sua missão principal é a reconciliação espiritual do homem com Deus.
येसु का फ़ालिज के मरीज़ के ठीक करना
कई दिन बाद जब 'ईसा कफ़रनहूम में फिर दाख़िल हुआ तो सुना गया कि वो घर में है। फिर इतने आदमी जमा हो गए, कि दरवाज़े के पास भी जगह न रही और वो उनको कलाम सुना रहा था। और लोग एक फ़ालिज के मारे हुए को चार आदमियों से उठवा कर उस के पास लाए। मगर जब वो भीड़ की वजह से उसके नज़दीक न आ सके तो उन्होंने उस छत को जहाँ वो था, खोल दिया और उसे उधेड़ कर उस चारपाई को जिस पर फ़ालिज का मारा हुआ लेटा था, लटका दिया। ईसा' ने उन लोगों का ईमान देख कर फ़ालिज के मारे हुए से कहा, "बेटा, तेरे गुनाह मुआफ़ हुए।" मगर वहाँ कुछ आलिम जो बैठे थे, वो अपने दिलों में सोचने लगे। "ये क्यूँ ऐसा कहता है? कुफ़्र बकता है, ख़ुदा के सिवा गुनाह कौन मु’आफ़ कर सकता है।" और फ़ौरन ईसा' ने अपनी रूह में मा’लूम करके कि वो अपने दिलों में यूँ सोचते हैं उनसे कहा, "तुम क्यूँ अपने दिलों में ये बातें सोचते हो? आसान क्या है’ फ़ालिज के मारे हुए से ये कहना कि तेरे गुनाह मु’आफ़ हुए, या ये कहना कि उठ और अपनी चारपाई उठा कर चल फिर। लेकिन इस लिए कि तुम जानों कि इब्न — ए आदम को ज़मीन पर गुनाह मु’आफ़ करने का इख़्तियार है" (उसने उस फ़ालिज के मारे हुए से कहा)। "मैं तुम से कहता हूँ उठ अपनी चारपाई उठाकर अपने घर चला जा।" और वो उठा; फ़ौरन अपनी चारपाई उठाकर उन सब के सामने बाहर चला गया, चुनाँचे वो सब हैरान हो गए, और ख़ुदा की तम्जीद करके कहने लगे "हम ने ऐसा कभी नहीं देखा था!"
10. Ressurreição de Lázaro
Referência: João 11:1-44
Explicação: O milagre mais impactante antes da crucificação. Ao ressuscitar alguém morto há quatro dias, Jesus declara: "Eu sou a ressurreição e a vida".
लाज़र को ज़िन्दा करना
उन दिनों में एक आदमी बीमार पड़ गया जिस का नाम लाज़र था। वह अपनी बहनों मरियम और मर्था के साथ बैत — अनियाह में रहता था। यह वही मरियम थी जिस ने बाद में ख़ुदावन्द पर ख़ुश्बू डाल कर उस के पैर अपने बालों से ख़ुश्क किए थे। उसी का भाई लाज़र बीमार था। चुनाँचे बहनों ने ईसा को ख़बर दी, "ख़ुदावन्द, जिसे आप मुहब्बत करते हैं वह बीमार है।" जब ईसा को यह ख़बर मिली तो उस ने कहा, "इस बीमारी का अन्जाम मौत नहीं है, बल्कि यह ख़ुदा के जलाल के वास्ते हुआ है, ताकि इस से ख़ुदा के फ़र्ज़न्द को जलाल मिले।" ईसा मर्था, मरियम और लाज़र से मुहब्बत रखता था। तो भी वह लाज़र के बारे में ख़बर मिलने के बाद दो दिन और वहीं ठहरा। फिर उस ने अपने शागिर्दों से बात की, "आओ, हम दुबारा यहूदिया चले जाएँ।" शागिर्दों ने एतराज़ किया, "उस्ताद, अभी अभी वहाँ के यहूदी आप पर पथराव करने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी आप वापस जाना चाहते हैं?" ईसा ने जवाब दिया, "क्या दिन में रोशनी के बारह घंटे नहीं होते? जो शख़्स दिन के वक़्त चलता फिरता है वह किसी भी चीज़ से नहीं टकराएगा, क्यूँकि वह इस दुनियाँ की रोशनी के ज़रिए देख सकता है। लेकिन जो रात के वक़्त चलता है वह चीज़ों से टकरा जाता है, क्यूँकि उस के पास रोशनी नहीं है।" फिर उस ने कहा, "हमारा दोस्त लाज़र सो गया है। लेकिन मैं जा कर उसे जगा दूँगा।" शागिर्दों ने कहा, "ख़ुदावन्द, अगर वह सो रहा है तो वह बच जाएगा।" उन का ख़याल था कि ईसा लाज़र की दुनियावी नींद का ज़िक्र कर रहा है जबकि हक़ीक़त में वह उस की मौत की तरफ़ इशारा कर रहा था। इस लिए उस ने उन्हें साफ़ बता दिया, "लाज़र की मौत हो गई है और तुम्हारी ख़ातिर मैं ख़ुश हूँ कि मैं उस के मरते वक़्त वहाँ नहीं था, क्यूँकि अब तुम ईमान लाओगे। आओ, हम उस के पास जाएँ।" तोमा ने जिस का लक़ब जुड़वाँ था अपने साथी शागिर्दों से कहा, "चलो, हम भी वहाँ जा कर उस के साथ मर जाएँ।"
वहाँ पहुँच कर ईसा को मालूम हुआ कि लाज़र को क़ब्र में रखे चार दिन हो गए हैं। बैत — अनियाह का येरूशलेम से फ़ासिला तीन क़िलोमीटर से कम था, और बहुत से यहूदी मर्था और मरियम को उन के भाई के बारे में तसल्ली देने के लिए आए हुए थे। यह सुन कर कि ईसा आ रहा है मर्था उसे मिलने गई। लेकिन मरियम घर में बैठी रही। मर्था ने कहा, "ख़ुदावन्द, अगर आप यहाँ होते तो मेरा भाई न मरता। लेकिन मैं जानती हूँ कि अब भी ख़ुदा आप को जो भी माँगोगे देगा।" ईसा ने उसे बताया, "तेरा भाई जी उठेगा।" मर्था ने जवाब दिया, जी, "मुझे मालूम है कि वह क़यामत के दिन जी उठेगा, जब सब जी उठेंगे।" ईसा ने उसे बताया, "क़यामत और ज़िन्दगी तो मैं हूँ। जो मुझ पर ईमान रखे वह ज़िन्दा रहेगा, चाहे वह मर भी जाए। और जो ज़िन्दा है और मुझ पर ईमान रखता है वह कभी नहीं मरेगा। मर्था, क्या तुझे इस बात का यक़ीन है?" मर्था ने जवाब दिया, "जी ख़ुदावन्द, मैं ईमान रखती हूँ कि आप ख़ुदा के फ़र्ज़न्द मसीह हैं, जिसे दुनियाँ में आना था।"
यह कह कर मर्था वापस चली गई और चुपके से मरियम को बुलाया, "उस्ताद आ गए हैं, वह तुझे बुला रहे हैं।" यह सुनते ही मरियम उठ कर ईसा के पास गई। वह अभी गाँव के बाहर उसी जगह ठहरा था जहाँ उस की मुलाक़ात मर्था से हुई थी। जो यहूदी घर में मरियम के साथ बैठे उसे तसल्ली दे रहे थे, जब उन्हों ने देखा कि वह जल्दी से उठ कर निकल गई है तो वह उस के पीछे हो लिए। क्यूँकि वह समझ रहे थे कि वह मातम करने के लिए अपने भाई की क़ब्र पर जा रही है। मरियम ईसा के पास पहुँच गई। उसे देखते ही वह उस के पैरों में गिर गई और कहने लगी, "ख़ुदावन्द, अगर आप यहाँ होते तो मेरा भाई न मरता।" जब ईसा ने मरियम और उस के लोगों को रोते देखा तो उसे दुःख हुआ। और उसने ताअ’ज्जुब होकर उस ने पूछा, "तुम ने उसे कहाँ रखा है?" उन्हों ने जवाब दिया, "आएँ ख़ुदावन्द, और देख लें।" ईसा "रो पड़ा। यहूदियों ने कहा, देखो, वह उसे कितना प्यारा था।" लेकिन उन में से कुछ ने कहा, इस आदमी ने अंधे को सही किया। "क्या यह लाज़र को मरने से नहीं बचा सकता था?" फिर ईसा दुबारा बहुत ही मायूस हो कर क़ब्र पर आया। क़ब्र एक ग़ार थी जिस के मुँह पर पत्थर रखा गया था। ईसा ने कहा, "पत्थर को हटा दो।" लेकिन मर्हूम की बहन मर्था ने एतराज़ किया, "ख़ुदावन्द, बदबू आएगी, क्यूँकि उसे यहाँ पड़े चार दिन हो गए हैं।" ईसा ने उस से कहा, "क्या मैंने तुझे नहीं बताया कि अगर तू ईमान रखे तो ख़ुदा का जलाल देखेगी?" चुनाँचे उन्हों ने पत्थर को हटा दिया। फिर ईसा ने अपनी नज़र उठा कर कहा, "ऐ बाप, मैं तेरा शुक्र करता हूँ कि तू ने मेरी सुन ली है। मैं तो जानता हूँ कि तू हमेशा मेरी सुनता है। लेकिन मैं ने यह बात पास खड़े लोगों की ख़ातिर की, ताकि वह ईमान लाएँ कि तू ने मुझे भेजा है।" फिर ईसा ज़ोर से पुकार उठा, "लाज़र, निकल आ!" और मुर्दा निकल आया। अभी तक उस के हाथ और पाँओ पट्टियों से बँधे हुए थे जबकि उस का चेहरा कपड़े में लिपटा हुआ था। ईसा ने उन से कहा, "इस के कफ़न को खोल कर इसे जाने दो।"
Conclusão
Os milagres de Jesus revelam sua autoridade sobre a natureza, as enfermidades, o mundo espiritual e até a morte. Eles não são apenas demonstrações de poder, mas sinais que apontam para sua identidade e missão.
Ao estudar esses milagres, é possível compreender melhor o papel de Jesus e a mensagem central do Evangelho.
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