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होसीअ 14

करनि

1 इसईल, ़ुवनअपऩुतरफू' ा, ूँि अपनबदकिरदवजह िगयै। 2 कलकर ़ुवनतरफ, और कहो, हमतमबदकिरदकर, और हम ु़रमा; तब हम अपनलबों ु़िाँ करेंे। 3 असहम नहीं बचएगा; हम ़ों पर सवनहीं ोंे; और अपनदसतक़ुकहेंूँि यतों पर रहम करनै। 4 ैं उनकरमकरूँा; ैं िउनसहबबत रखूँा, ूँि हर उन पर टल गयै। 5 ैं इसईल िओस तरह ूँा; वह सन तरह ा, और बनतरह अपनजड़ें एगा; 6 उसकिाँ ेंी, और उसमें ़ैदरख़्ू़बसरतऔर बनु़शबी। 7 उसकतहत ें रहनिे; वह ूँ तरह तर ़ा और तरह ि़्ोंे। उनकहरत बनमय ी। 8 इफ़्ईम कहा, अब ों ?' ैं ़ुवनउसकै, और उस पर िकरूँा। ैं सर सबसरतरह ूँ, मय9 'अक़्लमनि वह ें समझऔर समझदइनके? ूँि ़ुवनें और िउनमें चलेंे; िकर उनमें िपड़ेंे।

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