Pular para o conteúdo
Publicidade

होसीअ 6

तौबा करने की मांग

1 आओ ख़ुदावन्द की तरफ़ रुजू' करें क्यूँकि उसी ने फाड़ा है और वही हम को शिफ़ा बख़्शेगा। उसी ने मारा है और वही हमारी मरहम पट्टी करेगा। 2 वह दो दिन के बाद हम को हयात — ए — ताज़ा बख़्शेगा और तीसरे दिन उठा खड़ा करेगा और हम उसके सामने ज़िन्दगी बसर करेंगे। 3 आओ हम दरियाफ़्त करें और ख़ुदावन्द के 'इरफ़ान में तरक़्क़ी करें। उसका ज़हूर सुबह की तरह यक़ीनी है और वह हमारे पास बरसात की तरह या’नी आख़िरी बरसात की तरह जो ज़मीन को सेराब करती है, आएगा। 4 ऐ इफ़्राईम मैं तुझ से क्या करूँ? ऐ यहूदाह मैं तुझ से क्या करूँ? क्यूँकि तुम्हारी नेकी सुबह के बादल और शबनम की तरह जल्द जाती रहती है। 5 इसलिए मैंने उनके नबियों के वसीले से काट डाला और अपने कलाम से क़त्ल किया है और मेरा 'अद्ल नूर की तरह चमकता है। 6 क्यूँकि मैं क़ुर्बानी नहीं बल्कि रहम पसन्द करता हूँ और खु़दा शनासी को सोख़्तनी कु़र्बानियों से ज़्यादा चाहता हूँ। 7 लेकिन लोगों वह अहद शिकन आदम के सामने तोड़ दिया: उन्होंने वहाँ मुझ से बेवफ़ाई की है। 8 जिलआ’द बदकिरदारी की बस्ती है। वह खू़नआलूदा है। 9 जिस तरह के रहज़नों के ग़ोल किसी आदमी की धोखे में बैठते हैं उसी तरह काहिनों की गिरोह सिकम की राह में क़त्ल करती है, हाँ उन्होंने बदकारी की है। 10 मैंने इस्राईल के घराने में एक ख़तरनाक चीज़ देखी। इफ़्राईम में बदकारी पाई जाती है और इस्राईल नापाक हो गया। 11 ऐ यहूदाह तेरे लिए भी कटाई का वक़्त मुक़र्रर है जब मैं अपने लोगों को ग़ुलामी से वापस लाऊँगा

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.