10 versículos para fortalecer os laços familiares
A Bíblia enfatiza a importância da família e nos ensina como viver em harmonia com nossos entes queridos. Neste artigo, vamos explorar 10 versículos bíblicos que podem fortalecer os laços familiares e nos ajudar a refletir sobre o papel da família à luz da Palavra de Deus.
Versículos
1. Provérbios 22:6
लड़के की उस राह में तरबियत कर जिस पर उसे जाना है;
वह बूढ़ा होकर भी उससे नहीं मुड़ेगा।
2. Salmos 127:3
देखो, औलाद ख़ुदावन्द की तरफ़ से मीरास है,
और पेट का फल उसी की तरफ़ से अज्र है,
3. Colossenses 3:20
बच्चे, हर बात में अपने माँ — बाप के ताबे रहें, क्यूँकि यही ख़ुदावन्द को पसन्द है।
4. Êxodo 20:12
"तू अपने बाप और अपनी माँ की इज़्ज़त करना ताकि तेरी उम्र उस मुल्क में जो ख़ुदावन्द तेरा ख़ुदा तुझे देता है दराज़ हो।
5. Provérbios 1:8
ऐ मेरे बेटे, अपने बाप की तरबियत पर कान लगा,
और अपनी माँ की ता’लीम को न छोड़;
6. Josué 24:15
और अगर ख़ुदावन्द की इबादत तुम को बुरी मा’लूम होती हो, तो आज ही तुम उसे जिसकी इबादत करोगे चुन लो, ख़्वाह वह वही मा’बूद हों जिनकी इबादत तुम्हारे बाप दादा बड़े दरिया के उस पार करते थे या अमोरी के मा’बूद हों जिनके मुल्क में तुम बसे हो; अब रही मेरी और मेरे घराने की बात इसलिए हम तो ख़ुदावन्द की इबादत करेंगे।
7. Deuteronômio 6:6-7
और ये बातें जिनका हुक्म आज मैं तुझे देता हूँ तेरे दिल पर नक़्श रहें। और तू इनको अपनी औलाद के ज़हन नशीं करना, और घर बैठे और राह चलते और लेटते और उठते वक़्त इनका ज़िक्र किया करना।
8. Salmo 128:3
तेरी बीवी तेरे घर के अन्दर मेवादार ताक की तरह होगी,
और तेरी औलाद तेरे दस्तरख़्वान पर ज़ैतून के पौदों की तरह।
9. Provérbios 15:20
'अक़्लमंद बेटा बाप को ख़ुश रखता है,
लेकिन बेवक़ूफ़ अपनी माँ की तहक़ीर करता है।
10. Efésios 5:25
ऐ शौहरो! अपनी बीवियों से मुहब्बत रख्खो, जैसे मसीह ने भी कलीसिया से मुहब्बत करके अपने आप को उसके वास्ते मौत के हवाले कर दिया,
Esses versículos sobre a família nos lembram da importância de honrar, amar e cuidar uns dos outros. Medite neles e viva em harmonia, de acordo com os ensinamentos de Deus.
Compartilhe este artigo para inspirar outras famílias a serem fortalecidas pela Palavra de Deus.
Deus abençoe!