Agradecimento a Deus
Agradecer a Deus é louvor, adoração e reconhecimento da sua soberania. Dai graças ao Senhor porque Ele é bom — a sua misericórdia dura para sempre!
हम धन्यवाद करते हुए उसकी उपस्थिति में आएँ,
और भजन गाते हुए
उसका जय जयकार करें।
उसके फाटकों में धन्यवाद,
और उसके आँगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो;
उसका धन्यवाद करो,
और उसके नाम को धन्य कहो।
याह की स्तुति करो!
यहोवा का धन्यवाद करो
क्योंकि वह भला है,
और उसकी करुणा सदा की है!
हे यहोवा, तू मेरा परमेश्वर है,
मैं तेरा धन्यवाद करूँगा;
हे मेरे परमेश्वर, मैं तेरा गुणगान करूँगा।
धन्यवाद करते हुए यहोवा का गीत गाओ;
वीणा बजाते हुए हमारे परमेश्वर का भजन गाओ।
मैं गीत गाकर परमेश्वर के नाम की स्तुति करूँगा,
और धन्यवाद करता हुआ उसकी प्रशंसा करूँगा;
यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है;
मेरे हृदय ने उस पर भरोसा रखा,
और मुझे सहायता मिली है।
इसलिए मेरा हृदय हर्षित है;
मैं गीत गाकर उसकी स्तुति करूँगा।
किसी भी बात की चिंता मत करो, बल्कि प्रत्येक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सामने प्रस्तुत किए जाएँ।
जब भी मैं तुम्हें स्मरण करता हूँ, तो अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ,
वचन से या कार्य से तुम जो कुछ भी करो, सब प्रभु यीशु के द्वारा परमेश्वर पिता को धन्यवाद देते हुए उसके नाम से करो।
हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते हुए तुम सब के लिए परमेश्वर का सदैव धन्यवाद करते हैं, और अपने परमेश्वर और पिता के सामने तुम्हारे विश्वास के कार्य, प्रेम के परिश्रम और अपने प्रभु यीशु मसीह में आशा की दृढ़ता को निरंतर स्मरण करते हैं।
मैं तुम्हारे विषय में अपने परमेश्वर का सदा धन्यवाद करता हूँ क्योंकि मसीह यीशु में तुम पर परमेश्वर का यह अनुग्रह हुआ,
परंतु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें विजय प्रदान करता है।
परंतु परमेश्वर का धन्यवाद हो जो हमें सदैव मसीह में विजय-उत्सव में लिए चलता है और हमारे द्वारा अपने ज्ञान की सुगंध हर जगह फैलाता है;
अब जो बोनेवाले को बीज और भोजन के लिए रोटी देता है, वही तुम्हें बीज देगा और उसे बढ़ाएगा और तुम्हारी धार्मिकता की उपज में वृद्धि करेगा। तुम उस संपूर्ण उदारता के लिए हर बात में धनी किए जाओगे, जो हमारे द्वारा परमेश्वर के प्रति धन्यवाद उत्पन्न करती है;
भजनों, स्तुतिगानों और आत्मिक गीतों में एक दूसरे से बातचीत करो, अपने मन से प्रभु के लिए गाते और संगीत बजाते रहो; और सब बातों के लिए हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का सदा धन्यवाद करते रहो, और मसीह के भय में एक दूसरे के अधीन रहो।
उसने पाँच रोटियों और दो मछलियों को लिया और स्वर्ग की ओर देखकर आशिष माँगी। फिर उसने रोटियाँ तोड़ीं और अपने शिष्यों को देता गया कि वे लोगों को परोसें; और उसने दो मछलियाँ भी उन सब में बाँट दीं। सब ने खाया और तृप्त हो गए। फिर शिष्यों ने रोटियों के टुकड़ों और मछलियों से भरी बारह टोकरियाँ उठाईं।