Amor incondicional na Bíblia: o que é e como vivê-lo
O amor de Deus independe de mérito humano
O amor incondicional na Bíblia é a decisão voluntária de Deus de acolher, perdoar e sustentar o ser humano sem exigir merecimento prévio. Enquanto o afeto humano costuma responder à simpatia, à beleza ou à reciprocidade do outro, o amor divino tem origem exclusiva no próprio caráter de Deus.
O apóstolo Paulo resume essa dinâmica ao tratar da morte de Cristo: ela não aconteceu porque a humanidade era justa, mas exatamente enquanto todos se encontravam em rebeldia.
किसे धर्मी माणस कै खात्तर कोए जान देवै यो तो मुश्किल सै, पर शायद कोए भले माणस खात्तर जान देण खात्तर तैयार हो सकै सै। पर परमेसवर म्हारे पै अपणे प्यार की भलाई इस तरियां तै साबित करै सै, के जिब हम पापी ए थे, जिब्बे मसीह यीशु म्हारै खात्तर मरया।(रोमियों 5:7,8)
क्यूँके सारया नै पाप करया सै, अर सब परमेसवर की महिमा तै दूर होगे सै, परमेसवर नै म्हारे पै अनुग्रह करया, के उसनै यीशु मसीह के जरिये म्हारे ताहीं म्हारे पापां के दण्ड तै छुड़ा लिया, अर म्हारे ताहीं बिना कुछ करे धर्मी बणाया।(रोमियों 3:23,24)
A iniciativa parte sempre do Criador. Nenhuma obra, linhagem ou esforço moral obriga Deus a agir; o resgate humano nasce unicamente da sua misericórdia.
क्यूँके परमेसवर नै दुनिया के माणसां तै इसा प्यार राख्या के उसनै अपणा इकलौता बेट्टा दे दिया, ताके जो कोए उसपै बिश्वास करै, वो नाश कोनी होवै, पर अनन्त जीवन पावै।(यूहन्ना 3:16)
इन म्ह हम भी सारे के सारे पैहले अपणी देह की लालसाओं म्ह दिन बितावा थे, अर देह अर मन की मर्जियाँ नै पूरी करा थे, अर और माणसां की ढाळ सुभाव तै ए छो की औलाद थे। पर परमेसवर नै जो दया का धनी सै, अपणे उस घणे प्यार कै कारण जिसतै उसनै म्हारै तै प्यार करया। अपणे पुराणे जीवन म्ह पापां के कारण हम मरे होए थे तो परमेसवर नै जिस तरियां यीशु मसीह ताहीं जिन्दा करया, हमनै भी आत्मिक रूप तै जिन्दा करैगा, अर सुर्गीय जगहां म्ह मसीह कै गेल्या बिठावैगा, अर परमेसवर के अनुग्रह तै ए थारा उद्धार होया सै।(इफिसियों 2:3-5)
पर फेरभी परमेसवर जो म्हारा उद्धारकर्ता सै उसनै अपणी दया अर प्यार हम माणसां पै दिखाया। उसनै म्हारे ताहीं पापां के दण्ड तै बचाया, अर यो धार्मिक काम्मां के जरिये न्ही होया जो हमनै खुद करे, पर उसनै म्हारे पै दया करी। उसनै म्हारे ताहीं पवित्र आत्मा देण कै जरिये बचाया, जो म्हारे पापां नै माफ करै सै, अर हमनै नई जिन्दगी अर नया सुभाव देवै सै। परमेसवर नै मुफ्त म्ह पवित्र आत्मा दिया ताके वो म्हारे म्ह सामर्थी रूप तै काम करै क्यूँके मसीह यीशु म्हारे पापां खात्तर मरया अर म्हारा उद्धारकर्ता बण गया।(तीतुस 3:4-6)
Um compromisso que não se desfaz
Nas Escrituras hebraicas, essa lealdade inabalável aparece com frequência na palavra hesed, traduzida muitas vezes como benignidade, misericórdia ou amor leal. Não se trata de uma emoção passageira, mas de uma aliança inquebrável que Deus estabelece com seu povo, permanecendo fiel mesmo diante de falhas repetidas.
"यहोवा नै मेरे ताहीं पिछले बखत म्ह दर्शन देकै कह्या सै। मै तेरै तै सदा प्यार राखदा आया सूं; इस कारण मन्नै तेरै पै अपणी करुणा बणाए राक्खी सै।(यिर्मयाह 31:3)
हे यहोवा, तेरी करुणा सुर्ग म्ह सै,
तेरी सच्चाई अकासमण्डल ताहीं पोहची सै।(भजन संहिता 36:5)
सुर्ग के परमेसवर का धन्यवाद करो,
उसकी करुणा सदा की सै।(भजन संहिता 136:26)
Esse vínculo não oscila conforme os dias difíceis ou os tropeços de quem crê. Como não foi conquistado pelo esforço humano, também não é cancelado pelo sofrimento, pela fraqueza ou pelas adversidades da vida.
कौण हमनै मसीह कै प्यार तै न्यारा करैगा? के क्ळेश, संकट, उपद्रव, अकाळ, नंगाई, जोख्खम, या तलवार?(रोमियों 8:35)
जो प्यार परमेसवर म्हारै तै करै सै, वो इसतै जाहिर होया के परमेसवर नै अपणे इकलौते बेट्टे ताहीं दुनिया म्ह भेज्जा सै, ताके हम उसकै जरिये सच्चे जीवन नै पावां।(1 यूहन्ना 4:9)
प्यार वो न्ही जो हमनै परमेसवर तै करया सै, बल्के प्यार वो सै जो उसनै म्हारै तै करया, के म्हारे पापां कै प्रायशिचित कै खात्तर अपणे बेट्टे ताहीं भेज्जा।(1 यूहन्ना 4:10)
हम इस करकै प्यार करा सां, के पैहले उसनै म्हारै तै प्यार करया।(1 यूहन्ना 4:19)
A prática do amor incondicional entre as pessoas
A Bíblia não apresenta o amor incondicional apenas como doutrina sobre Deus, mas como padrão de conduta para as relações diárias. O imperativo de Jesus e dos apóstolos exige amar além da conveniência — alcançando quem não retribui e até quem se posiciona como adversário.
"थमनै नियम-कायदा म्ह सुण्या होगा के कह्या गया था, अपणे पड़ोसी तै प्यार राखिये, अर अपणे बैरी तै बैर। पर मै थमनै कहूँ सूं के अपणे बैरियाँ तै प्यार राक्खों अर अपणे सतावण आळे के खात्तर प्रार्थना करो,) जिसतै थम अपणे सुर्गीय पिता की सिध्द औलाद मान्ने जाओगे। क्यूँके वो भले अर बुरे लोग्गां पै अपणा सूरज उगाया करै सै, अर धर्मी अर अधर्मी लोग्गां पै मिह बरसावै सै। क्यूँके जै थम अपणे प्यार करण आळा तै ए प्यार करो सों, तो कौण सा बड़ा काम करो सों? के चुंगी लेण आळे भी इसाए न्ही करदे? जै थम अपणे भाईयाँ नै ए नमस्कार करो, तो कौण्सा बड्ड़ा काम करो सों? के गैर यहूदी भी इसाए न्ही करदे? इस करकै जरूरी सै के थम भी सिध्द बणो, जिसा थारा सुर्गीय पिता सिध्द सै।"(मत्ती 5:43-48)
"पर मै थम सुणण आळा तै कहूँ सूं, के अपणे बैरियाँ तै प्यार राक्खो, जो थारे तै बैर करै, उनका भला करो। जो थमनै श्राप देवै, उननै आशीष दो, जो थारी बेजती करै, उनकै खात्तर प्रार्थना करो।(लूका 6:27,28)
Nas relações interpessoais, esse amor se traduz em atitudes práticas: persistência na paciência, recusa ao ressentimento e disposição para perdoar em vez de expor o erro alheio.
प्यार के सै? इस्से तै हमनै जाण लिया के यीशु मसीह नै म्हारै खात्तर अपणी जान दे दी; इस करकै हमनै भी अपणे बिश्वासी भाईयाँ कै खात्तर जान देणी चाहिए।(1 यूहन्ना 3:16)
जो लोग दुसरयां तै प्यार करै सै, वे पूरे धीरज अर दयालु तरिक्कें तै काम करै सै, वे नफरत न्ही करते, अर वे खुद की बड़ाई न्ही करते। वे दुसरयां का अनादर कोनी करते, वे स्वार्थी कोनी अर ना ए तावळे नाराज होवै सै, पर आसान्नी तै उन माणसां ताहीं माफ करदे सै जो उनके खिलाफ बुरा बरताव करै सै।(1 कुरिन्थियों 13:4,5)
जिब लोग बुरे काम करै सै तो वे खुश कोनी होन्दे, पर जिब लोग सही काम करै सै तो वे खुश होवै सै। प्यार सारी बात्तां नै सह लेवै सै, अर हमेशा म्हारे हरेक हालात्तां म्ह बिश्वास करण म्ह, परमेसवर पै भरोस्सा राक्खण म्ह, अर दुख अर मुसीबतां नै धीरज तै सहण करण म्ह म्हारी मदद करै सै।(1 कुरिन्थियों 13:6,7)
दोस्त हरेक बखत म्ह प्यार करै सै,
अर बिप्दा के दिन भाई बण जावै सै।(नीतिवचन 17:17)
सारया म्ह बढ़िया बात या सै के एक-दुसरे तै घणा प्यार करो, क्यूँके जै थम माणसां तै प्यार करोगे तो थम उन ताहीं माफ करण खात्तर तैयार रहोगे, जो थारा बुरा करै सै।(1 पतरस 4:8)
Este artigo te tocou? Faça uma oração!
+581 estão orando agora.
Junte-se à corrente de oração.