Aniversário de idoso
O aniversário de um idoso é celebração de uma vida longa e cheia de experiências com Deus. A Bíblia honra os cabelos brancos como coroa de glória e prova da fidelidade divina.
बिधाता आसा आपणीं परज़ा लै भलअ
बिधातो शूकर करा, किल्हैकि सह आसा भलअ!
सह झ़ूरा हाम्हां लै सदा।
ऐहा धैल़ी आसा बिधाते ज़ीत हुई दी,
अह धैल़ी मनाऊंणी हाम्हां खुशी।
बिधाता हेरा धर्मीं मणछा बच़ाऊई
मुंह करनअ सदा बिधातो शूकर,
हुंह निं तेऊए ज़ै-ज़ैकार करनै का कधि पिछ़ू हटदअ।
तूह बिधाता मुंह बच़ाऊंणै आल़अ अर
मुंह करनअ ताह ई प्रैंदै भरोस्सअ।
तंऐं किई मेरी मज़त, मुंह मनाऊंणी खुशी अर
गिहा बोली करनअ मुंह तेरअ शूकर।
पर ज़ुंण नंद तंऐं मुल्है दैनी,
सह आसा तिन्नें खास्सी साल-फसल, नाज़
अर दाखे रसा का बी खास्सी।
तंऐं रहैऊई मुखा सह बात ज़ुंण ज़िन्दगी बाखा डेओआ,
ताह नेल़ रहणैंओ धैस्स करा मुंह खुश अर
ताह संघै रही एछा मुंह सदा लै नंद।
मंऐं मांगअ बिधाता का एक्कै बरदान,
हुंह च़ाहा सिधअ इहअ कि
मुंह रहणअ सारी ज़िन्दगी बिधाते घअरै,
ताकि हुंह तिधी कबल्ली बिधाते महान भलाई भाल़ूं
अर बिधाता का हर बगत सलाह मांगूं।
हाम्हां लै दै एही अक्ल कि ज़ुंण थोल़ी ज़ेही ज़िन्दगी हाम्हां का आसा,
सह लोल़ी ती हाम्हैं भली भांती काटी ज़ाणीं।
धर्मीं मणछो पुआज़अ आसा लाम्मी अमर,
अर पल़ू हआ शोभा दैणैं आल़अ मुगट।
खारकै मणछे बड़ैई हआ तेऊए बला का,
पर प्रोढै मणछे शोभा हआ तेऊए पल़ू करै।
पर ज़ुंण बिधाते आसरै रहा, अर ज़ुंण तेऊ का मज़त मांगा,
तिन्नां भेटणअ ताज़अ ज़ोर।
तिन्नां लागणै मुक्षरलै ज़िहै नऊंऐं फैंख,
तिन्नां बाहणीं ठुहर पर तिन्नों शाह निं फुलणअ,
तिंयां निं हांढी-हांढी बी दुबल़ै हणैं।"
पर ऐबै भाल़ तूह आप्पै, ज़धू बिधाता ईंयां गल्ला आपणैं दासा मोसा का बोली, तधा ओर्ही गई आझ़ तैणीं पंजताल़ी साला हई। अह त सह बगत ज़धू इज़राईली रेगीस्ताना बाती तै लागै दै आजू हांढदै अर ज़िहअ बिधाता बोलअ त, तेऊ डाहअ हुंह आझ़ तैणीं ज़िऊंदअ अर मेरी अमर गई आझ़ पजैस्सी साले हई।
"ज़िहै ज़ोर-ज़ाहण मुंह पंजताल़ी साला आजी तधू थिऐ ज़धू हुंह मोसा सैणअ बणाईं भेख लंदअ छ़ाडअ थिअ, हुंह आसा आझ़ बी ज़ाथी तिहअ ई ज़ोर ज़ाहणा आल़अ। मुंह दी आसा आझ़ बी तिहअ ई बल कि हुंह सका जुध अर सोभ काम आझ़ बी राम्बल़ै करी।
‘हुंह करा बिधाता का एही अरज़ कि
सह दैए ताल्है बर्गत अर
तेऊ लोल़ी सदा तेरी फाज़त किई,
बिधाता लोल़ी ताल्है आपणीं झींण
अर जश रहैऊअ।
ताह लोल़ी सुख-शांती भेटी अर
मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि तेऊ निं लोल़ी
ताह बाखा कधि पिठ फरेऊई।’
ए मेरै पैरै साथी, मेरी आसा एही अरज़ कि ज़िहअ तूह विश्वासा दी बझ़दअ आसा लागअ द तिहअ ई लोल़ी तूह सोभी साबै बझ़दअ लागअ अर तूह लोल़ी देही दी राज्ज़ी-राम्बल़अ रहअ।