Bom dia
Cada manhã é presente de Deus. As misericórdias do Senhor se renovam cada dia. A Bíblia convida a começar o dia com louvor, oração e gratidão ao Criador.
Manhã com Deus
De manhã te apresentarei a minha oração. Pela manhã ouvirás a minha voz — eu te busco ao despertar.
ऐ ख़ुदावन्द तू सुबह को मेरी आवाज़ सुनेगा।
मैं सवेरे ही तुझ से दुआ करके इन्तिज़ार करूँगा।
लेकिन ऐ ख़ुदावन्द, मैंने तो तेरी दुहाई दी है;
और सुबह को मेरी दुआ तेरे सामने पहुँचेगी।
ऐ मेरी शौकत, बेदार हो! ऐ बर्बत और सितार जागो!
मैं ख़ुद सुबह सवेरे जाग उठूँगा।
लेकिन मैं तेरी कु़दरत का हम्द गाऊँगा,
बल्कि सुबह को बुलन्द आवाज़ से तेरी शफ़क़त का हम्द गाऊँगा।
क्यूँकि तू मेरा ऊँचा बुर्ज है,
और मेरी मुसीबत के दिन मेरी पनाहगाह।
लेकिन मैं तेरी कु़दरत का हम्द गाऊँगा,
बल्कि सुबह को बुलन्द आवाज़ से तेरी शफ़क़त का हम्द गाऊँगा।
क्यूँकि तू मेरा ऊँचा बुर्ज है,
और मेरी मुसीबत के दिन मेरी पनाहगाह।
ऐ मेरी ताक़त, मै तेरी मदहसराई करूँगा;
क्यूँकि ख़ुदा मेरा शफ़ीक़ ख़ुदा मेरा ऊँचाबुर्ज है।
सुबह को मुझे अपनी शफ़क़त की ख़बर दे,
क्यूँकि मेरा भरोसा तुझ पर है।
मुझे वह राह बता जिस पर मैं चलूं,
क्यूँकि मैं अपना दिल तेरी ही तरफ़ लगाता हूँ।
लेकिन मैं तो सदाक़त में तेरा दीदार हासिल करूँगा;
मैं जब जागूँगा तो तेरी शबाहत से सेर हूँगा।
Misericórdias renovadas
As misericórdias do Senhor se renovam cada manhã. Este é o dia que o Senhor fez — alegremo-nos e nos regozijemos nele.
ये ख़ुदावन्द की शफ़क़त है, कि हम फ़ना नहीं हुए, क्यूँकि उसकी रहमत ला ज़वाल है।
वह हर सुबह ताज़ा है; तेरी वफ़ादारी 'अज़ीम है
मेरी जान ने कहा, "मेरा हिस्सा ख़ुदावन्द है, इसलिए मेरी उम्मीद उसी से है।"
ये ख़ुदावन्द की शफ़क़त है, कि हम फ़ना नहीं हुए, क्यूँकि उसकी रहमत ला ज़वाल है।
वह हर सुबह ताज़ा है; तेरी वफ़ादारी 'अज़ीम है
यह वही दिन है जिसे ख़ुदावन्द ने मुक़र्रर किया,
हम इसमें ख़ुश होंगे और ख़ुशी मनाएँगे।
ख़ुदावन्द की सिताइश करो,
ऐ उसके पाक लोगों!
और उसके पाकीज़गी को याद करके शुक्रगुज़ारी करो।
क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,
उसका करम उम्र भर का।
रात को शायद रोना पड़े पर सुबह को ख़ुशी की नौबत आती है।
क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,
उसका करम उम्र भर का।
रात को शायद रोना पड़े पर सुबह को ख़ुशी की नौबत आती है।
ज़मीन की इन्तिहा के रहने वाले, तेरे मु’मुअजिज़ों से डरते हैं;
तू मतला' — ए — सुबह को और शाम को ख़ुशी बख़्शता है।
सुबह को अपनी शफ़क़त से हम को आसूदा कर,
ताकि हम उम्र भर ख़ुश — ओ — ख़ुर्रम रहें।
Louvor matinal
Saciai-nos de manhã com a tua benignidade. Todo dia te louvarei e celebrarei o teu nome para sempre.
ऐ मेरे ख़ुदा, मेरे बादशाह! मैं तेरी तम्जीद करूँगा।
और हमेशा से हमेशा तक तेरे नाम को मुबारक कहूँगा।
मैं हर दिन तुझे मुबारक कहूँगा,
और हमेशा से हमेशा तक तेरे नाम की सिताइश करूँगा।
क्या ही भला है, ख़ुदावन्द का शुक्र करना,
और तेरे नाम की मदहसराई करना; ऐ हक़ ता’ला!
सुबह को तेरी शफ़क़त का इज़्हार करना,
और रात को तेरी वफ़ादारी का,
ख़ुदावन्द के सामने नया हम्द गाओ!
ऐ सब अहल — ए — ज़मीन! ख़ुदावन्द के सामने गाओ।
ख़ुदावन्द के सामने गाओ, उसके नाम को मुबारक कहो;
रोज़ ब रोज़ उसकी नजात की बशारत दो।
क़ौमों में उसके जलाल का,
सब लोगों में उसके 'अजायब का बयान करो।
आह! मैं तेरी शरी’अत से कैसी मुहब्बत रखता हूँ,
मुझे दिन भर उसी का ध्यान रहता है।
तोभी दिन को ख़ुदावन्द अपनी शफ़क़त दिखाएगा;
और रात को मैं उसका हम्द गाऊँगा,
बल्कि अपनी ज़िन्दगी के ख़ुदा से दुआ करूँगा।
ऐ ख़ुदावन्द हम पर रहम कर; क्यूँकि हम तेरे मुन्तज़िर हैं। तू हर सुबह उनका बाज़ू हो और मुसीबत के वक़्त हमारी नजात।
ख़ुदावन्द ख़ुदा ने मुझ को शागिर्द की ज़बान बख़्शी, ताकि मैं जानूँ कि कलाम के वसीले से किस तरह थके माँदे की मदद करूँ। वह मुझे हर सुबह जगाता है, और मेरा कान लगाता है ताकि शागिदों की तरह सुनूँ।
Graça para o novo dia
O Senhor te abençoe e te guarde. Cada novo dia é oportunidade de viver sob a graça do Deus que nos ama.
'ख़ुदावन्द तुझे बरकत दे और तुझे महफ़ूज़ रख्खें। "ख़ुदावन्द अपना चेहरा तुझ पर जलवागर फ़रमाए, और तुझ पर मेहरबान रहे। "ख़ुदावन्द अपना चेहरा तेरी तरफ़ मुतवज्जिह करे, और तुझे सलामती बख़्शे।
सुबह को अपना बीज बो और शाम को भी अपना हाथ ढीला न होने दे,
क्यूँकि तू नहीं जानता कि उनमें से कौन सा कामयाब होगा,
ये या वह या दोनों के दोनों बराबर कामयाब होंगे।
वह रात ही को उठ बैठती है,
और अपने घराने को खिलाती है, और अपनी लौंडियों को काम देती है।
ख़्वाब दोस्त न हो, कहीं ऐसा तू कंगाल हो जाए;
अपनी आँखें खोल कि तू रोटी से सेर होगा।
और ख़ुदा ने देखा कि रोशनी अच्छी है, और ख़ुदा ने रोशनी को अँधेरे से जुदा किया। और ख़ुदा ने रोशनी को तो दिन कहा और अँधेरे को रात। और शाम हुई और सुबह हुई तब पहला दिन हुआ।
और हमारे पास नबियों का वो कलाम है जो ज़्यादा मौ’तबर ठहरा। और तुम अच्छा करते हो, जो ये समझ कर उसी पर ग़ौर करते हो कि वो एक चराग़ है जो अन्धेरी जगह में रौशनी बख़्शता है, जब तक सुबह की रौशनी और सुबह का सितारा तुम्हारे दिलों में न चमके।
वो हमारी ख़ातिर इसलिए मरा, कि हम जागते हों या सोते हों सब मिलकर उसी के साथ जिएँ।