Casa de Deus
A casa de Deus é lugar de adoração, refúgio e encontro com o Sagrado. A Bíblia exalta o tabernáculo, o templo e a igreja como morada do Altíssimo entre seu povo.
A presença de Deus
Quão amáveis são os teus tabernáculos! Uma coisa pedi ao Senhor: habitar na casa do Senhor todos os dias da minha vida.
तेरे आँगनों में एक दिन बिताना
कहीं और के हज़ार दिनों से उत्तम है।
दुष्टों के डेरों में वास करने की अपेक्षा
अपने परमेश्वर के भवन के द्वार पर
खड़ा रहना मुझे अधिक प्रिय है।
मैंने यहोवा से एक वर माँगा है,
मैं उसी के यत्न में लगा रहूँगा :
कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में ही वास करूँ,
जिससे यहोवा की मनोहरता को निहारता रहूँ
और उसके मंदिर में उसका ध्यान करता रहूँ।
क्या ही धन्य है वह जिसे
तू चुनकर अपने निकट लाता है
कि तेरे आँगनों में वास करे!
हम तेरे भवन के,
अर्थात् तेरे पवित्र मंदिर के उत्तम पदार्थों से तृप्त होंगे।
जब लोगों ने मुझसे कहा,
"आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,"
तब मैं आनंदित हुआ।
निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर
मेरे साथ-साथ बनी रहेंगी;
और मैं यहोवा के घर में सर्वदा वास करूँगा।
परंतु मैं तो परमेश्वर के भवन में
जैतून के हरे-भरे वृक्ष के समान हूँ।
मैं सदा परमेश्वर की करुणा पर भरोसा रखता हूँ।
क्योंकि तेरे भवन की धुन ने मुझे भस्म कर दिया है।
जो निंदा वे तेरी करते हैं,
वही मुझे सहनी पड़ी है।
O templo
Minha casa será chamada casa de oração. O zelo da tua casa me consumiu. O verdadeiro templo é o corpo do cristão.
फिर यीशु ने मंदिर-परिसर में जाकर वहाँ सब लेन-देन करनेवालों को बाहर निकाल दिया, तथा सर्राफों की चौकियाँ और कबूतर बेचनेवालों के आसन उलट दिए, और उनसे कहा,"लिखा है :
मेरा घर प्रार्थना का घर कहलाएगा,
परंतु तुम इसे डाकुओं का अड्डा बना रहे हो।"
जब यहूदियों के फसह का पर्व निकट आया तो यीशु यरूशलेम को गया। उसने मंदिर-परिसर में बैल, भेड़ और कबूतर बेचनेवालों और सर्राफों को बैठे हुए देखा। तब उसने रस्सियों का एक कोड़ा बनाकर भेड़ों और बैलों सहित सब को मंदिर-परिसर से बाहर निकाल दिया, और सर्राफों के सिक्के बिखेर दिए तथा चौकियों को उलट दिया; और कबूतर बेचनेवालों से कहा,"इन्हें यहाँ से ले जाओ। मेरे पिता के घर को व्यापार का घर मत बनाओ।" तब उसके शिष्यों को स्मरण आया कि लिखा है : तेरे घर की धुन मुझे खा जाएगी।
क्या तुम यह नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मंदिर है जो तुममें है, और परमेश्वर की ओर से तुम्हें मिला है? और तुम अपने नहीं हो,
कि मेरे आने में देर होने पर भी तुझे यह मालूम रहे कि परमेश्वर के घराने में, जो जीवित परमेश्वर की कलीसिया है और सत्य का स्तंभ तथा आधार है, कैसा आचरण होना चाहिए।
परंतु मसीह परमेश्वर के घराने पर एक पुत्र के समान विश्वासयोग्य रहा; और यदि हम अपने साहस और अपने आशा के गर्व पर दृढ़ रहें तो हम ही उसका घराना हैं।
"हमारे पूर्वजों के पास जंगल में साक्षी का तंबू था; यह वैसा ही था जैसा मूसा से बात करनेवाले ने आदेश दिया था कि वह उसे उसी नमूने के अनुसार बनाए जिसे उसने देखा था। उसी तंबू को हमारे पूर्वज उत्तराधिकार में पाकर यहोशू के साथ उस समय ले आए जब उन्होंने उन जातियों पर अधिकार पाया, जिन्हें परमेश्वर ने हमारे पूर्वजों के सामने से निकाल दिया था, और वह दाऊद के समय तक रहा। दाऊद पर परमेश्वर का अनुग्रह हुआ और उसने याकूब के परमेश्वर के लिए निवासस्थान बनाने की अनुमति माँगी। परंतु सुलैमान ने उसके लिए भवन बनाया। परंतु परमप्रधान हाथ के बनाए भवनों में नहीं रहता, जैसा कि भविष्यवक्ता ने कहा : प्रभु कहता है, ‘स्वर्ग मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे पैरों की चौकी है; तुम मेरे लिए किस प्रकार का भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम के लिए कौन सा स्थान होगा?
क्या मेरे ही हाथों ने इन सब को नहीं सृजा?’
तब याकूब नींद से जाग उठा और कहने लगा, "सचमुच यहोवा इस स्थान में है, और मैं यह बात नहीं जानता था।" अतः उसने डरते हुए कहा, "यह स्थान कितना अद्भुत है! यह परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं है, बल्कि यह तो स्वर्ग का फाटक ही है।"