Pular para o conteúdo
Publicidade

यूहन्‍ना की तीसरी पत्री 1

अभिदन

1 रवर ओर िगयिससैं सतें रखतूँ।

2 ि, थनि आतिउन्‍नति कर रहै, सब ों ें उन्‍नति करऔर वसरहे। 3 ोंि जब इयों आकर सतें ी, सतपर चलतै, ैं बड़आनि4 िइससबढ़कर आननहीं ि ैं ूँ ि बच्‍सतपर चलतैं।

गयरश

5 ि, उन अपरििइयों िकरतै, वह ि्‍सययतकरतै। 6 उनोंकलिमनै। अचि उनें इस ि िकरपरम्‍वर रहणयो; 7 ोंि उसकििकल पड़ैं, और मसिों नहीं े। 8 इसलिहमें ऐसों सहयतकरनि, ि हम सतसहकरों।

ििऔर िि

9 ैंकलििा, परििउनमें रधबननहतै, हमें नहीं करता। 10 इसलिजब ैं आऊा, वह करतै, अरहमिषय ें ी-ें बकना, उनकमरण िा। उसइससनहीं, वह इयों नहीं करता, और करनहतैं उनें कतऔर कलििै।

11 ि, नहीं बलि भलअनकरण करभलकरतवह परम्‍वर ै; पर करतउसनपरम्‍वर नहीं ा। 12 िििषय ें सब े, यहाँ तक ि वयसतै; और हम ैं, और नति हमसच्‍ै।

िअभिदन

13 बहें िखनीं, परऔर कलम िखननहीं हता। 14 ैं झसिलनआशकरतूँ, तब हम आमने-मनें करेंे। 15 ांि िे। यहाँ िनमसकहतैं। वहाँ िों कर नमसकहना।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também

3 João
Ver todos os capítulos de 3 João