Colheita
A colheita é princípio bíblico universal: colhemos o que semeamos. Quem semeia na fé e obediência colherá bênçãos abundantes do Senhor.
Semear e colher
Quem semeia no Espírito, do Espírito colherá vida eterna. Não nos cansemos de fazer o bem — ao tempo certo colheremos.
क्यूँके जो माणस इसे काम करै सै उसका बुरा सुभाव उसकै खात्तर मौत लेकै आवै सै, पर जो माणस परमेसवर की इच्छा पूरी करै सै, तो उसका आत्मा उसनै अनन्त जीवन देवै सै।
अपणे-आप ताहीं धोक्खा ना द्यो, कोए माणस यो ना सोच्चै के वो परमेसवर नै धोक्खा दे सकै सै।
हम भले काम करण का होसला ना छोड्डा, क्यूँके जै हम हिम्मत ना छोड्डा तो परमेसवर के बखत पै कटणी काटैगें।
परमेसवर ए सै जो किसानां नै बीज अर खाण खात्तर रोट्टी देवै सै। इस तरियां परमेसवर हमेशा थारे खात्तर धन देवैगा, ताके थम उन माणसां की मदद कर सकों जिन ताहीं धन की जरूरत सै।
मेळ-मिलाप कराण आळा, किसान की तरियां सै, जो शान्ति का बीज बोवै सै, अर धार्मिकता की फसल काटै सै।
इस बखत ताड़ना दी जावै सै, उस बखत ताड़ना आच्छी कोनी लाग्गै, बल्के वा दुख की बात दिखाई देवै सै। तोभी जो उस ताहीं सहन्दे-सहन्दे पक्के होगे सै, बाद म्ह उननै चैन कै गेल्या धर्म का ईनाम मिलै सै।
Fidelidade na semeadura
Honra ao Senhor com as tuas primícias. O Senhor abrirá as janelas do céu e derramará bênção sem medida.
अपणे धन कै जरिये
अर अपणी धरती की सारी पैहली फसल दे-देकै यहोवा की बड़ाई करिये;
सारे दशमांश भण्डार म्ह ले आओ के मेरे भवन म्ह भोजन की चीज रहवै; अर सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै, के इसा करकै मेरे ताहीं परखो के मै अकास के झरोखे थारे खात्तर खोलकै थारे उप्पर अपरम्पार आशीष की बारिस करुँ सूं के न्ही।
"जै थम मेरे नियमां पै चाल्लों अर मेरे हुकमां नै मानकै उनका पालन करो, तो मै थारै खात्तर बखत-बखत पै मिह बरसाऊँगा, अर धरती अपणी उपज उगावैगी, अर मैदान के दरखत्त अपणे-अपणे फळ दिया करैंगे;
अकास के पंछियाँ नै देक्खों! वे ना बोवै सै, ना काटै सै, अर ना कुठले (गोदाम) म्ह कठ्ठा करै सै, फेर भी थारा सुर्गीय पिता उन ताहीं खुवावै सै। के थम पंछियाँ तै घणे कीमती कोनी?
दाख की बेल सूखगी, अर अंजीर का दरखत कुम्हळा ग्या सै अनार, खजूर, सेब, बलके, मैदान के सारे दरखत सूखगे सैं; अर माणस की खुशी जान्दी रही सै।
क्यूँके चाहे अंजीर के दरखतां म्ह फूल ना लाग्गे,
अर ना दाखलता म्ह फळ लाग्गे,
जैतून के दरखत तै सिर्फ धोखा पाया जावै
अर खेत्तां म्ह अन्न ना उगै,
बाड़याँ म्ह भेड़-बकरी ना रहवैं,
अर ना थान्नां म्ह गां-बळध हों,
फेर भी मै यहोवा कै कारण आनन्दित अर मगन रहूँगा,
अर अपणे उद्धारकर्ता परमेसवर कै जरिये भोत खुश रहूँगा