Compreensão
A verdadeira compreensão vem de Deus. Os caminhos do Senhor são mais altos que os nossos. Mas Ele nos convida a buscar entendimento — e promete iluminar quem o busca de coração.
A sabedoria de Deus
Os meus pensamentos não são os vossos pensamentos. A incompreensibilidade de Deus nos leva à humildade e adoração.
क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
"हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, ‘तू यह क्या करता है?’ क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा, ‘उसके हाथ नहीं है’? (रोम. 9:20,21)
क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सृजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है।
यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है,
और उसकी बड़ाई अगम है।
इससे पहले कि पहाड़ उत्पन्न हुए,
या तूने पृथ्वी और जगत की रचना की,
वरन् अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही परमेश्वर है।
क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं,
जैसा कल का दिन जो बीत गया,
या रात का एक पहर। (2 पत. 3:8)
अहा, परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गम्भीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं!
Buscar entendimento
Clama a mim e responder-te-ei. A sabedoria é a coisa principal — busque o entendimento com todo o coração.
मुझसे प्रार्थना कर और मैं तेरी सुनकर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊँगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता।
बुद्धि श्रेष्ठ है इसलिए उसकी प्राप्ति के लिये यत्न कर;
अपना सब कुछ खर्च कर दे ताकि समझ को प्राप्त कर सके।
जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है वह बड़ा समझवाला है,
परन्तु जो अधीर होता है, वह मूर्खता को बढ़ाता है।
मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएँ होती हैं,
परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
मनुष्य का सारा चाल चलन अपनी दृष्टि में तो ठीक होता है,
परन्तु यहोवा मन को जाँचता है,
कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें बुद्धि की आत्मा और अपने ज्ञान का प्रकाश दे। (यशा. 11:2)
पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Iluminação divina
A entrada da tua Palavra dá luz e entendimento. Deus revela verdades ocultas e transforma nossa visão da realidade.
तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता हैतेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है: घर में प्रवेश के लिए द्वार खोला जाता है, नगर में प्रवेश के लिए फाटक अत: परमेश्वर की बातों के खुलने का अर्थ है कि हम उनमें घुसकर उसकी सुन्दरता को देखें। ;
उससे निर्बुद्धि लोग समझ प्राप्त करते हैं।
मैं तुझे बुद्धि दूँगा, और जिस मार्ग में तुझे
चलना होगा उसमें तेरी अगुआई करूँगा;
मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूँगा
और सम्मति दिया करूँगा।
जैसे तू वायु के चलने का मार्ग नहीं जानता और किस रीति से गर्भवती के पेट में हड्डियाँ बढ़ती हैं, वैसे ही तू परमेश्वर का काम नहीं जानता जो सब कुछ करता है। (यूह. 3:8)
यीशु ने उसको उत्तर दिया, "मैं तुझ से सच-सच कहता हूँमैं तुझ से सच-सच कहता हूँ: वह क्या कहना चाहता था उसकी निश्चितता और उसके महत्त्व को मजबूत अभिपुष्टि की अभिव्यक्ति को संकेत करता हैं।, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।"
यीशु ने उनकी ओर देखकर कहा, "मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।"
तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उनसे कहा, "यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सबसे छोटा और सब का सेवक बने।"
अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। और यदि तुम मसीह के हो, तो अब्राहम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो।
सब बातों को परखो जो अच्छी है उसे पकड़े रहो। सब प्रकार की बुराई से बचे रहो। (फिलि. 4:8)
क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तो भी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते।
और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएँ थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएँ सदा बनी रहती हैं।
जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है।