Publicidade

Salmos 32

षमि आश
ऊद भजन मश

1 धनवह िसकअपर

षमिगया,

और िसकाँगयिसकाँगयो: ाँिगयअरिगयरखगयसरशबों ें ऐसाँगयि िनहीं ा।(. 4:7)

2 धनवह मनिसकअधर

यहे,

और िसकआतें कपट ो। (. 4:8)

3 जब ैं रह

तब िभर करहते-करहतहडिाँ

िघल गई

4 ोंि त-दिैं दबरहा;

और तरवट पकहट

बनतगई(ा)

5 जब ैंअपनपर रगट ि

और अपनअधरिा,

और कहा, "ैं यहमनअपनअपरों ूँा;"

तब अधरऔर षमकर िा। (ा) (1 . 1:9)

6 इस रण हर एक भकऐससमय

ें थनकरजबकि िसकतें थनकरजबकि िसकतै: अरउसदयअनरह समय ेंे।

िचय जब जल बड़ी आए

उस भकपहुँी।

7 िपनै;

कट रककरा;

ों ओर टकों

ा। (ा)

8 ैं ि ूँा, और िें

चलनउसमें अगआई करूँा;

ैं पर ि रखूँ

और सममति िकरूँा।

9 ़े और खचचर समबनसमझ नहीं रखते,

उनकउमलगऔर कनपडै,

नहीं वश ें नहीं आने।

10 बह़ा ी;

परनयहपर भररखत

वह करिरहा।

11 धरिों यहरण आननि

और मगन ो, और सब मनवों

आननजयजयककरो!

Veja também

Publicidade
Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-06-29_22-07-56-