Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन संहिता 53

मनखतऔर टत

रधबजिमहलत पर ऊद मश

1 अपनमन ें कहा, "परमवर नहीं।"

िगडगए, उनोंिलतििैं;

करनहीं।

2 परमवर वरपर मनों ऊपर ि

ि ि ि चलन

परमवर जनि नहीं।

3 सब सब हट गए; सब एक िगडगए;

करनहीं, एक नहीं। (भज. 14:1-3, . 3:10-12)

4 उन सब अनरथकिों नहीं,

ों सम

पर परमवर नहीं ै?

5 वहाँ उन पर भय गयजहाँ भय रण ा।

ोंि यहउनकहडिों ो, िवनपड़े े, ितर-बितर कर िा;

उनें लजिकर ि53:5 उनें लजिकर िा: अर्, परजय रण, अपनरयों ें सफल रण लजिगए इसलिि

परमवर उनकिै।

6 भलि इसएल उदििकलता!

जब परमवर अपनरजबनआएगा।

तब मगन और इसएल आननिा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também