Tomar uma decisão
Tomar decisões com sabedoria é um dos maiores desafios da vida. A Bíblia nos ensina a buscar a Deus em oração, na Palavra e no conselho, confiando que Ele dirige os nossos passos.
Buscar a Deus
Se algum de vós tem falta de sabedoria, peça a Deus. Ele dá generosamente e sem repreensão a todos os que pedem.
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।
और हमें उसके सामने जो साहस होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ माँगते हैं, तो हमारी सुनता है।
यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। (भज. 32:5, नीति. 28:13)
तू अपनी समझ का सहारा न लेना,
वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखनायहोवा पर भरोसा रखना: परमेश्वर की इच्छा में भरोसा रखना- सच्ची महानता का रहस्य अपनी सब चिन्ताओं, योजनाओं तथा भय से उभरना है। हम अपने स्वयं को अपना भाग्य विधाता समझते है तो अपनी ही समझ का सहारा लेते है। ।
उसी को स्मरण करके सब काम करना,
तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
उसी को स्मरण करके सब काम करना,
तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।
Conselho e direção
Onde não há conselho os planos se frustam. Toda Escritura é útil para nos guiar nas decisões da vida.
जहाँ बुद्धि की युक्ति नहीं, वहाँ प्रजा विपत्ति में पड़ती है;
परन्तु सम्मति देनेवालों की बहुतायत के कारण बचाव होता है।
चिट्ठी डाली जाती तो है,
परन्तु उसका निकलना यहोवा ही की ओर से होता है। (प्रेरि. 1:26)
जो दूसरों से अलग हो जाता है, वह अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिये ऐसा करता है,
और सब प्रकार की खरी बुद्धि से बैर करता है।
मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता,
वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता हैवह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है: मूर्ख को सुख नहीं मिलता परन्तु अपनी ही बात पर बल देना, अपने बारे में और अपने विचार प्रगट करने में उसका परमानन्द है।।
जहाँ दुष्टता आती, वहाँ अपमान भी आता है;
और निरादर के साथ निन्दा आती है।
मनुष्य के मुँह के वचन गहरे जल होते है;
बुद्धि का स्रोत बहती धारा के समान हैं।
दुष्ट का पक्ष करना,
और धर्मी का हक़ मारना, अच्छा नहीं है।
बात बढ़ाने से मूर्ख मुकद्दमा खड़ा करता है,
और अपने को मार खाने के योग्य दिखाता है।
मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है,
और उसके वचन उसके प्राण के लिये फंदे होते हैं।
कानाफूसी करनेवाले के वचन स्वादिष्ट भोजन के समान लगते हैं;
वे पेट में पच जाते हैं।
जो काम में आलस करता है,
वह बिगाड़नेवाले का भाई ठहरता है।
यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है;
धर्मी उसमें भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है।
धनी का धन उसकी दृष्टि में शक्तिशाली नगरशक्तिशाली नगर: धर्मी के लिये परमेश्वर का नाम वैसा ही है जैसा धनवान के लिये उसका धन। वह उसमें शरण लेने ऐसे भागता है जैसे वह एक दृढ़ नगर है। है,
और उसकी कल्पना ऊँची शहरपनाह के समान है।
नाश होने से पहले मनुष्य के मन में घमण्ड,
और महिमा पाने से पहले नम्रता होती है।
जो बिना बात सुने उत्तर देता है, वह मूर्ख ठहरता है,
और उसका अनादर होता है।
रोग में मनुष्य अपनी आत्मा से सम्भलता है;
परन्तु जब आत्मा हार जाती है तब इसे कौन सह सकता है?
सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभदायक है,
ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्पर हो जाए।
और उन्होंने मूसिया के निकट पहुँचकर, बितूनिया में जाना चाहा; परन्तु यीशु के आत्मा ने उन्हें जाने न दिया।
अन्ताकिया की कलीसिया में कई भविष्यद्वक्ता और उपदेशक थे; अर्थात् बरनबास और शमौन जो नीगर कहलाता है; और लूकियुस कुरेनी, और चौथाई देश के राजा हेरोदेस का दूधभाई मनाहेम और शाऊल। जब वे उपवास सहित प्रभु की उपासना कर रहे थे, तो पवित्र आत्मा ने कहा, "मेरे लिये बरनबास और शाऊल को उस काम के लिये अलग करो जिसके लिये मैंने उन्हें बुलाया है।" तब उन्होंने उपवास और प्रार्थना करके और उन पर हाथ रखकर उन्हें विदा किया।
Confiar e seguir
Seja o que for que façais, fazei tudo para a glória de Deus. O sábio ouve a Deus antes de agir.
इसलिए तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो।
इस कारण जबकि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हमको घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकनेवाली वस्तु, और उलझानेवाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिसमें हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।
गिबोन में यहोवा ने रात को स्वप्न के द्वारा सुलैमान को दर्शन देकर कहा, "जो कुछ तू चाहे कि मैं तुझे दूँ, वह माँग।" सुलैमान ने कहा, "तू अपने दास मेरे पिता दाऊद पर बड़ी करुणाबड़ी करुणा: स्वयं दाऊद भी इसे परमेश्वर की परम कृपा मानता था। करता रहा, क्योंकि वह अपने को तेरे सम्मुख जानकर तेरे साथ सच्चाई और धार्मिकता और मन की सिधाई से चलता रहा; और तूने यहाँ तक उस पर करुणा की थी कि उसे उसकी गद्दी पर बिराजनेवाला एक पुत्र दिया है, जैसा कि आज वर्तमान है। और अब हे मेरे परमेश्वर यहोवा! तूने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना-जाना नहीं जानता। फिर तेरा दास तेरी चुनी हुई प्रजा के बहुत से लोगों के मध्य में है, जिनकी गिनती बहुतायत के मारे नहीं हो सकती। तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूँ; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?" इस बात से प्रभु प्रसन्न हुआ, कि सुलैमान ने ऐसा वरदान माँगा है। तब परमेश्वर ने उससे कहा, "इसलिए कि तूने यह वरदान माँगा है, और न तो दीर्घायु और न धन और न अपने शत्रुओं का नाश माँगा है, परन्तु समझने के विवेक का वरदान माँगा है इसलिए सुन, मैं तेरे वचन के अनुसार करता हूँ, तुझे बुद्धि और विवेक से भरा मन देता हूँतुझे बुद्धि और विवेक से भरा मन देता हूँ: सुलैमान की बुद्धि नैतिकता और प्रज्ञा दोनों ही की प्रतीत होती है परन्तु उसने केवल नैतिकता की सद्दबुद्धि माँगी थी और परमेश्वर ने उसे दोनों दी। , यहाँ तक कि तेरे समान न तो तुझ से पहले कोई कभी हुआ, और न बाद में कोई कभी होगा।
तब उसकी पत्नी उससे कहने लगी, "क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।"
उसने उससे कहा, "तू एक मूर्ख स्त्री के समान बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दुःख न लेंदुःख न लें: जब दुःख आए तो क्या हमें उसे भोगने के लिए तैयार नहीं रहना है। क्या हमें उसमें विश्वास नहीं रखना है हमारे साथ उसका व्यवहार भलाई और निष्पक्षता का है। ?" इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुँह से कोई पाप नहीं किया।