Egoísmo
O egoísmo é o oposto do amor cristão. Jesus nos ensinou a negar a nós mesmos, tomar a cruz e segui-lo. A vida cristã é vida de entrega, serviço e generosidade.
Negar-se a si mesmo
Se alguém quer vir após mim, negue-se a si mesmo. O caminho de Cristo é o caminho da auto-entrega e do serviço.
यीशु नै भीड़ ताहीं अपणे चेल्यां सुधा बुलाकै कह्या, "जो कोए मेरा चेल्ला बणणा चाहवै, वो अपणी ए इच्छा पूरी ना करै बल्के अपणे दुखां का क्रूस ठाकै, मेरै पाच्छै हो लेवै।
अर दूसरा यो सै, ‘तू अपणे पड़ोसी तै अपणे जिसा प्यार राखणा।’ इसतै बड्ड़ा और कोए हुकम कोनी।"
यो इसा सै, के मान्नो जिसा मै मसीह कै गैल क्रूस पै मारया गया, अर इब मै जिन्दा न्ही रह्या, पर मसीह मेरै म्ह जीवै सै, अर इब जो मै जीण लागरया सूं, तो सिर्फ परमेसवर कै बेट्टे पै बिश्वास करण के जरिये जिसनै मेरै तै इतणा प्यार करया के मेरै खात्तर अपणी जान दे दी।
मतलबीपण या झूठ्ठी बड़ाई कै खात्तर कुछ ना करो, पर दीनता तै एक-दुसरे नै अपणे तै घणा आदर मान द्यो।
पर मै अपणी जान नै किमे न्ही समझदा के उसतै प्यार राक्खूँ, बल्के यो के मै अपणी दौड़ ताहीं अर उस सेवा नै पूरी करुँ, जो मन्नै परमेसवर कै अनुग्रह के सुसमाचार पै गवाही देण कै खात्तर प्रभु यीशु तै पाई सै।
Viver para os outros
Ninguém busque o próprio interesse, mas o do próximo. O amor não busca os seus próprios interesses.
कोए अपणी ए भलाई नै न्ही, बल्के औरां की भलाई के बारें म्ह सोच्चों।
जो लोग दुसरयां तै प्यार करै सै, वे पूरे धीरज अर दयालु तरिक्कें तै काम करै सै, वे नफरत न्ही करते, अर वे खुद की बड़ाई न्ही करते। वे दुसरयां का अनादर कोनी करते, वे स्वार्थी कोनी अर ना ए तावळे नाराज होवै सै, पर आसान्नी तै उन माणसां ताहीं माफ करदे सै जो उनके खिलाफ बुरा बरताव करै सै।
धोक्खे म्ह ना रहों, जै थारे म्ह तै कोए यो सोच बेठ्ठै के वो दुनियावी बात्तां के मुताबिक अकलमंद सै, तो ठीक तो यो होगा के वो खुद नै बेकूफ बणाले ताके अकलमंद बण जावै।
म्हारै म्ह तै हरेक नै अपणे बिश्वासी भाई कै साथ भले काम करणे चाहिए, जो उसनै खुश करै अर उस ताहीं बिश्वास म्ह मजबूत बणाए राक्खै।
भला करण आळा माणस ठाड्डा हो जा सै,
अर जो औरां के खेत्तां नै पाणी देवै सै, उसकी खेत्ती नै भी पाणी दिया जावैगा।
मूर्ख का मन समझ की बात्तां म्ह न्ही लागदा,
वो बस अपणे मन की बात जाहिर करणा चावै सै।
मेरै मन नै लालच की ओड़ न्ही,
अपणी चितौनियाँ की ओड़ फेर दे।
क्यूँके जड़ै जळण अर मतलबीपण होवै सै, ओड़ै बखेड़ा अर हरेक ढाळ के बुरे काम भी होवै सै।