1 एक दिन शाऊल के बेट्टे योनातान नै अपणे पिता तै बिना किमे कहे अपणे हथियार ठाणआळे जवान तै कह्या, "आ, हम उधर पलिश्तियाँ की चौक्की कै धोरै चाल्लां।" 2 शाऊल तो गिबा की सीमा पै मिग्रोन नगर म्ह अनार के पेड़ के तळै टिक्या होया था, अर उसकै गैल के माणस कोए छः सौ थे; 3 अर एली जो शीलो म्ह यहोवा का याजक था, उसके बेट्टे पीनहास का पोत्ता, अर ईकाबोद के भाई, अहीतूब का बेट्टा अहिय्याह भी एपोद पहरे होए गैल था। पर उन माणसां नै बेरा कोनी था के योनातान चल्या गया सै। 4 उन घाटियाँ के बीच म्ह, जिनतै होकै योनातान पलिश्तियाँ की चौक्की तक जाणा चाहवै था, दोन्नु और एक-एक नोकीली चट्टान थी; एक चट्टान का नाम बोसेस, अर दुसरी का नाम सेने था। 5 एक चट्टान तो उत्तर की और मिकमाश के स्याम्ही, अर दुसरी दक्षिण की और गेबा के स्याम्ही खड़ी थी।
6 फेर योनातान नै अपणे हथियार ढोणआळे जवान तै कह्या, "आ, हम उन खतनारहित माणसां की चौक्की धोरै जावां; के बेरा यहोवा म्हारी मदद कर दे; क्यूँके यहोवा नै कोए रोक न्ही सकदा, फेर चाहे तो घणे माणसां के जरिये, चाहे थोड़े माणसां के जरिये छुटकारा दे।" 7 उसके हथियार ढोणआळे नै उसतै कह्या, "जो किमे तेरे मन म्ह हो वोए कर; चाल, मै तेरी इच्छा कै मुताबिक तेरे गैल रहूँगा।" 8 योनातान नै कह्या, "सुण, हम उन माणसां के धोरै जाकै अपणे ताहीं उननै दिखावां। 9 जै पलिश्ती हमनै या कहवै, ‘म्हारे आण ताहीं ठहरे रहो,’ फेर तो हम उसी जगहां पै खड़े रहवां, अर उनकै धोरै न्ही चढ़ागें। 10 पर जै वे या कहवै, ‘म्हारे धोरै चढ़ आओ,’ तो हम या जाणकै चढ़ा, के यहोवा उननै म्हारे हाथ म्ह कर देवैगा। म्हारे खात्तर योए निशान हो।" 11 फेर उन दोनुवां नै अपणे ताहीं पलिश्तियाँ की चौक्की पै प्रगट करया, फेर पलिश्ती कहण लाग्गे, "देक्खो, इब्री माणस उन बिलां म्ह तै जित्त वे छिपे थे लिकड़कै आवैं सैं।" 12 फेर चौक्की के माणसां नै योनातान अर उसके हथियार ढोणआळे तै पुकारकै कह्या, "म्हारे धोरै चढ़ आओ, फेर हम थमनै किमे दिखावागें।" फेर योनातान नै अपणे हथियार ढोणआळे तै कह्या, "मेरै पाच्छै-पाच्छै चढ़ आ; क्यूँके यहोवा उननै इस्राएलियाँ के हाथ म्ह कर देवैगा।" 13 अर योनातान अपणे हाथ अर पायां के बल चढ़ ग्या, अर उसका हथियार ढोण आळा भी उसके पाच्छै-पाच्छै चढ़ ग्या। पलिश्ती योनातान के स्याम्ही गिरदे गए, अर उसका हथियार ढोण आळा उसके पाच्छै-पाच्छै उननै मारदा गया। 14 यो पैहला संहार जो योनातान अर उसके हथियार ढोणआळे तै होया, उस म्ह आध्धे बीघे जमीन म्ह बीस माणस मारे गए। 15 अर छावणी म्ह, अर मैदान पै, अर उन सारे माणसां म्ह थरथराहट होई; अर चौकी आळे अर आक्रमण करण आळे भी थरथराण लाग्गे; अर भूकम्प भी होया; अर भोत बड़ी थरथराहट होई। 16 बिन्यामीन के गिबा म्ह शाऊल के पहरुआं नै नजर करकै देख्या के भीड़ घटदी जाण लागरी सै, अर वे माणस इनै-उनै भाजे जाण लागरे सैं। 17 फेर शाऊल नै अपणे साथ के माणसां तै कह्या, "अपणी गिणती करकै देक्खो के म्हारे धोरै तै कौण गया सै।" उननै गिणकै देख्या, के योनातान अर उसका हथियार ढोण आळा उरै कोनी। 18 फेर शाऊल नै अहिय्याह तै कह्या, "परमेसवर का सन्दूक उरै ल्या।" उस बखत तो परमेसवर का सन्दूक इस्राएलियाँ के गैल था। 19 शाऊल याजक तै बात करण लागरया था, के पलिश्तियाँ की छावणी म्ह हुल्लड़ बढ़दा ए गया; फेर शाऊल नै याजक तै कह्या, "अपणा हाथ खींच ले।" 20 फेर शाऊल अर उसकै गैल के सारे माणस कठ्ठे होकै लड़ाई म्ह गए; ओड़ै उननै के देख्या, के एक-एक आदमी की तलवार अपणे-अपणे साथी पै चाल्लण लागरी सै, अर घणा बड़ा कोलाहल माचरया सै। 21 जो इब्री पैहले पलिश्तियाँ की और थे, अर उनकै गैल च्यांरु और तै छावणी म्ह गए थे, वे भी शाऊल अर योनातान के गैल के इस्राएलियाँ म्ह मिलगे। 22 इस तरियां जितने इस्राएली माणस एप्रैम की पहाड़ी देश म्ह लुह्कगे थे, वे भी यो सुणकै के पलिश्ती भागे जावैं सैं, लड़ाई म्ह आकै उनका पिच्छा करण लाग्गे। 23 फेर यहोवा नै उस दिन इस्राएलियाँ ताहीं छुटकारा दिया; अर लड़णआळे बेतावेन कस्बे की परली और ताहीं चले गए। 24 पर इस्राएली माणस उस दिन तंग होए, क्यूँके शाऊल नै उन माणसां ताहीं कसम खुवाकै कह्या, "श्रापित हो वो, जो साँझ तै पैहले किमे खावै; इसे रीति मै अपणे बैरियाँ तै बदला ले सकूँगा।" आखर उन माणसां म्ह तै किसे नै किमे भी न्ही खाया। 25 अर सारे माणस एक जंगळ म्ह पोहचे, जित्त धरती पै मधु पड्या होया था। 26 जिब माणस जंगळ म्ह आए जिब के देख्या, के मधु टपकण लागरया सै, तोभी शपथ के डर के मारे कोए अपणा हाथ अपणे मुँह ताहीं ना लेग्या। 27 पर योनातान नै अपणे पिता ताहीं माणसां तै कसम खुवान्दे न्ही सुण्या था, ज्यांतै उसनै अपणे हाथ की छड़ी की नोक बढ़ाकै मधु के छत्ते म्ह डबोया, अर अपणा हाथ अपणे मुँह ताहीं लेग्या; फेर उसनै अपणी ताकत वापस मिलगी 28 फेर माणसां म्ह तै एक नै कह्या, "तेरे पिता नै माणसां ताहीं कड़ी कसम धरा के कह्या सै, ‘श्रापित हो वो, जो आज किमे खावै।’" अर माणस थके-हारे थे। 29 योनातान नै कह्या, "मेरे पिता नै माणसां ताहीं कष्ट दिया सै; देक्खो, मन्नै इस मधु ताहीं थोड़ा-सा चख्या, अर मेरी आँख किसी चमक उठ्ठी। 30 जै आज माणस अपणे बैरियाँ की लूट तै जिसनै उन ताहीं पाया मनमान्या खान्दे, तो कितना आच्छा होन्दा; इब्बे तो भोत कम ए पलिश्ती मारे गये सै।"
31 उस दिन वे मिकमाश तै लेकै अय्यालोन ताहीं पलिश्तियाँ ताहीं मारदे गए; अर माणस घणेए थकगे। 32 ज्यांतै वे लूट पै टूट पड़े, अर भेड़-बकरी, अर गां-बळध, अर बाछड़यां नै लेकै धरती पै मारकै उनका माँस लहू समेत खाण लाग्गे)। लहू नै धरती पै उंडेला जाणा था। (व्यवस्थाविवरण 12:16, 24) खून नै बहाकै ये सिपाही कानून का उलंघण करण लागरे थे। 33 जिब इसकी खबर शाऊल नै मिली, के माणस लहू समेत माँस खाकै यहोवा के बिरुध्द पाप करै सैं। फेर उसनै उनतै कह्या, "थमनै तो बिश्वासघात करया सै; इब्बे एक बड़ा पत्थर मेरे धोरै लुढ़का द्यो।" 34 फेर शाऊल नै कह्या, "माणसां के बीच म्ह आस्सै-पास्सै फिरकै उनतै कहो, ‘अपणा-अपणा बळध अर भेड़ शाऊल के धोरै ले जाओ, अर ओड़ैए बलि करकै खाओ; अर लहू समेत खाकै यहोवा के बिरुध्द पाप ना करो।’" फेर सारे माणसां नै उसी रात अपणा-अपणा बळध ले जाकै ओड़ैए बलि करया। 35 फेर शाऊल नै यहोवा खात्तर एक वेदी बणवाई; वो तो पैहली वेदी सै जो उसनै यहोवा कै खात्तर बणवाई।
36 फेर शाऊल नै कह्या, "हम आज ए रात पलिश्तियाँ का पिच्छा करकै उननै भोर ताहीं लूटदे रहवां; अर उन म्ह तै एक माणस ताहीं भी जिन्दा न्ही छोड़ो।" उननै कह्या, "जो कुछ थमनै आच्छा लाग्गै वोए कर।" पर याजक नै कह्या, "हम याड़ैए परमेसवर की सलाह लें।" 37 फेर शाऊल नै परमेसवर तै पूच्छया, "के मै पलिश्तियाँ का पिच्छा करुँ? के तू उननै इस्राएल के हाथ म्ह कर देवैगा?" पर उस दिन कुछ उत्तर न्ही मिल्या। 38 फेर शाऊल नै कह्या, "हे प्रजा के खास माणसों, उरै आकै जाणो; अर देक्खो के आज पाप किस ढाळ होया सै। 39 क्यूँके इस्राएल के छुड़ाणआळे यहोवा के जीवन की कसम, जै वो पाप मेरे बेट्टे योनातान तै होया हो, तोभी पक्का वो मार गेरया जावैगा।" पर माणसां म्ह तै किसे नै उस ताहीं उत्तर न्ही दिया। 40 फेर उसनै सारे इस्राएलियाँ तै कह्या, "थम एक और रहो, अर मै अर मेरा बेट्टा योनातान दुसरी और रहवांगे।" माणसां नै शाऊल तै कह्या, "जो किमे तन्नै आच्छा लाग्गै वोए कर।" 41 फेर शाऊल नै यहोवा तै कह्या, "हे इस्राएल के परमेसवर, सच्ची बात दिखा।" फेर चिट्ठी योनातान अर शाऊल के नाम पै लिकड़ी, अर प्रजा बचगी। 42 फेर शाऊल नै कह्या, "मेरे अर मेरे बेट्टे योनातान के नाम पै चिट्ठी डालो।" फेर चिट्ठी योनातान के नाम पै लिकड़ी।
43 फेर शाऊल नै योनातान तै कह्या, "मन्नै बता, के तन्नै के करया सै।" योनातान नै उसतै कह्या, "मन्नै अपणे हाथ की छड़ी की नोक तै थोड़ा-सा मधु चख तो लिया था; अर देख, मन्नै मरणा सै।" 44 शाऊल नै कह्या, "परमेसवर इसाए करै, बलके इसतै भी बाध करै; हे योनातान, तू पक्का मारया जावैगा।" 45 पर माणसां नै शाऊल तै कह्या, "के योनातान मारया जावै, जिसनै इस्राएलियाँ का इसा बड़ा छुटकारा करया सै? इसा न्ही होवैगा! यहोवा के जीवन की कसम, उसके सिर का एक बाळ भी धरती पै गिरण ना पावैगा; क्यूँके आज कै दिन उसनै परमेसवर के गैल होकै काम करया सै।" फेर प्रजा के माणसां नै योनातान ताहीं बचा लिया, अर वो मारया ना गया। 46 फेर शाऊल पलिश्तियाँ का पिच्छा छोड़कै लौट ग्या; अर पलिश्ती भी अपणी जगहां चले गए। 47 जिब शाऊल इस्राएलियाँ के राज्य म्ह स्थिर होग्या, फेर वो मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, अर पलिश्ती, अपणे च्यांरु और के सारे दुश्मनां तै, अर सोबा के राजयां तै लड़या; अर जित्त-जित्त वो जान्दा ओड़ैए जीत पान्दा। 48 फेर उसनै वीरता करकै अमालेकियाँ ताहीं जीत लिया, अर इस्राएलियाँ ताहीं लूटण आळयां के हाथ तै छुड़ाया।
49 शाऊल के बेट्टे योनातान, यिश्वी, अर मल्कीशूअ थे; अर उसकी दो बेट्टी थी, बड़ी का नाम तो मेरब अर छोट्टी का नाम मीकल था। 50 अर शाऊल की घरआळी का नाम अहीनोअम था जो अहीमास की बेट्टी थी। उसके प्रधान सेनापति का नाम अब्नेर था जो शाऊल के चाचा नेर का बेट्टा था। 51 शाऊल का पिता कीश था, अर अब्नेर का पिता नेर अबीएल का बेट्टा था।
52 शाऊल जीवन भर पलिश्तियाँ तै संग्राम करदा रह्या; जिब-जिब शाऊल नै कोए वीर या आच्छा योद्धा दिखाई पड्या तब-तब उसनै उस ताहीं अपणे धोरै राख लिया।