1 हे इस्राएलियों, यहोवा का वचन सुणो; इस देश के बासिन्दया कै गैल यहोवा का मुकद्दमा सै। इस देश म्ह ना तो कुछ सच्चाई सै, ना किमे करुणा अर ना कुछ परमेसवर का ज्ञान ए सै। 2 उरै श्राप देण, झूठ बोल्लण, हत्या करण, चुराण, अर व्यभिचार करण नै छोड़ कुछ न्ही होन्दा; वे नियम-कायदे की हद नै लाँघकै कुकर्म करैं सैं अर खून ए खून होन्दा रहवै सै। 3 इस कारण यो देश विलाप करैगा, अर मैदान के जीव-जन्तु, अर अकास के पक्षियां समेत उसके सारे बासिन्दे कुम्हळा जावैंगे; अर समुन्दर की मछलियाँ भी नाश हो जावैंगी।
4 देक्खो, कोए वाद-विवाद ना करै, ना कोए उल्हाणा दे, क्यूँके तेरे माणस तो याजकां तै वाद-विवाद करण आळयां की तरियां सै। 5 तू दिन-दोफारी ठोक्कर खावैगा, अर रात नै भविष्यवक्ता भी तेरे गैल ठोक्कर खावैगा; अर मै तेरी माँ का नाश करुँगा। 6 मेरे ज्ञान के ना होण तै मेरी प्रजा नाश होगी; तन्नै मेरे ज्ञान ताहीं निकम्मा जाण्या सै, इस करकै मै तेरे ताहीं अपणे याजक के काम कै लायक कोनी ठहरान्दा। इस करकै के तन्नै अपणे परमेसवर के नियम-कायदे ताहीं छोड़ दिया सै, मै भी तेरे बाल-बच्यां नै छोड़ दियुँगा।
7 जिसे याजक बढ़दे गये, उसे तरियां वे मेरे खिलाफ पाप करदे गये; मै उनके वैभव कै बदलै उनका अनादर करुँगा। 8 वे मेरी प्रजा के पापबलियाँ नै खावैं सै, अर प्रजा के पापी होण की लालसा करैं सैं। 9 इस करकै जो प्रजा की हालत होगी, उसीए याजक की भी होवैगी; मै उनके चाल चलण की सजा देऊँगा, अर उनके काम्मां के जिसा उननै बदला देऊँगा। 10 वे खावैंगे तो सही, पर छिकैगें न्ही, अर वेश्यागमन तो करैंगे, पर ना बढ़ैंगे; क्यूँके उननै यहोवा की ओड़ मन लगाणा छोड़ दिया सै।
11 वेश्यागमन अर दाखमधु अर ताजा दाखमधु, ये तीन्नु बुद्धि नै भ्रष्ट करैं सैं। 12 मेरी प्रजा के माणस काठ के पुतळे तै सवाल करैं सैं, अर उनकी छड़ी उननै भविष्य बतावै सै। क्यूँके ओछापण कराण आळी आत्मा नै उन ताहीं बहकाया सै, अर वे अपणे परमेसवर की अधीनता छोड़कै ओछापण करै सैं। 13 बांज, चिनार अर छोट्टे बांज दरखतां की छाया आच्छी होवै सै, इस करकै वे उनकै नीच्चै अर पहाड़ां की चोटियां पै यज्ञ करदे, अर टील्यां पै धूप जळावैं सैं। इस कारण थारी बेटियाँ ओछापण अर थारी बहुएँ व्यभिचारिणी होगी सै। 14 जिब थारी बेटियाँ ओछापण अर थारी बहुएँ व्यभिचार करैं, फेर मै उननै सजा न्ही देऊँगा; क्यूँके थम ए वेश्या कै गैल एक्ले म्ह जान्दे, अर देवदासियाँ के साथी होकै यज्ञ करैं सै; अर जो माणस समझ न्ही राखदे, वे नाश हो जावैंगे।
15 हे इस्राएल, यद्यपि तू ओछापण करै सै, फेर भी यहूदा दोषी ना बणै। गिलगाल नै ना आओ; अर ना बेतावेन नै चढ़ जाओ; अर यहोवा के जीवन की कसम कहकै कसम ना खाओ। 16 क्यूँके इस्राएल नै हठीली बछिया की तरियां हठ करया सै, के इब यहोवा उननै भेड़ के बच्चे की तरियां लाम्बे-चौड़े मैदान म्ह चरावैगा?
17 एप्रैम मूर्तियाँ का संगी होग्या सै; इस करकै उसनै रहण दे। 18 वे जिब दाखमधु पी चुके सैं फेर वेश्यागमन करण म्ह लाग जावैं सैं; उनके प्रधान माणस बेजती होण तै घणा प्यार राक्खैं सै। 19 आँधी उननै अपणे पंखां म्ह बान्ध कै उड़ा ले जावैगी, अर उनके बलिदानां कै कारण वे लज्जित होवैंगे।