1 "चलो, हम यहोवा की और मुड़ां; क्यूँके उसे नै पाड़या, अर वोए हमनै चंगा भी करैगा; उसे नै मारया, अर वोए म्हारे जख्मां पै पट्टी बाँधैगा। 2 दो दिन कै बाद वो म्हारे ताहीं जिवावैगा; अर तीसरे दिन वो म्हारे ताहीं ठाकै खड्या करैगा; फेर हम उसकै स्याम्ही जिन्दा रहवांगे। 3 आओ, हम ज्ञान ढूँढ़े, बलके यहोवा का ज्ञान पाण खात्तर कोशिश भी करां; क्यूँके यहोवा का प्रगट होणा सुबेरै का जिसा पक्का सै; वो बारिस की तरियां म्हारे उप्पर आवैगा, बलके बरसात कै बाद की बारिस की तरियां जिसतै धरती सींचदी जावै सै।"
4 हे एप्रैम, मै तेरै तै के करुँ? हे यहूदा, मै तेरै तै के करुँ? थारा प्यार तो तड़कैए के बाद्दळ की तरियां, अर सुबेरै उड़ जाण आळी ओस की तरियां सै। 5 इस कारण मन्नै सारे भविष्यवक्ता कै जरिए मान्नो उनपै कुहाड़ी चलाकै उन ताहीं काट गेरया, अर अपणे वचनां तै उन ताहीं घात करया, अर मेरा न्याय रोशनी की तरियां चमकै सै। 6 क्यूँके मै बलिदान तै न्ही, मजबूत प्यार तै ए खुश होऊँ सूं, अर होमबलियाँ तै घणा या चाऊँ सूं के माणस परमेसवर का ज्ञान राक्खै।
7 पर उन माणसां नै आदम की तरियां करार ताहीं तोड़ दिया; उननै ओड़ै मेरे तै बिश्वासघात करया सै। 8 गिलाद नाम की गढ़ी तो अनर्थकारियाँ तै भरी सै, वो खून तै भरी होई सै। 9 जिस तरियां डाकुआं के दल किसे की घात म्ह बैठ्ठै सैं, उसे तरियां याजकां का दल शेकेम के राह म्ह हत्या करै सै, बलके उननै महापाप भी करया सै। 10 इस्राएल के घरान्ने म्ह मन्नै रुगं खड़े होण का कारण देख्या सै; उस म्ह एप्रैम का ओछापण अर इस्राएल की अशुद्धता पाई जावै सै।
11 हे यहूदा, जिब मै अपणी प्रजा नै गुलाम्मी तै बोहड़ा ले आऊँगा, उस बखत तेरै खात्तर भी बदला ठहराया होया सै।