1 जिब इस्राएल बाळक था, फेर मन्नै उसतै प्यार करया, अर अपणे बेट्टे ताहीं मिस्र तै बुलाया। 2 पर जितना मै उननै बुलाऊँ था, उतनाए वे मेरे तै दूर भाजदे जावैं थे; वे बाल देवत्यां कै खात्तर बलिदान करदे, अर खुदी होई मूरतां कै खात्तर धूप जळान्दे गये।
3 मै ए एप्रैम नै पांए-पाँ चलान्दा आया था, अर उननै गोद म्ह लिए फिरदा रहूँ था, पर वे ना जाणै थे के उनका चंगा करण आळा मै सूं। 4 मै उननै माणस जाणकै प्यार की डोरी तै खींचदा रहूँ था, अर जिसा कोए बळध के गळे की जोत खोलकै उसके स्याम्ही चारा धरै सै, उस तरियां ए मन्नै उनतै करया।
5 वो मिस्र देश म्ह बोहड़ण न्ही पावैगा; अश्शूर ए उसका राजा होवैगा, क्यूँके उसनै मेरी और मुड़ण तै इन्कार कर दिया सै। 6 तलवार उनके नगरां म्ह चाल्लैगी, अर उनके बेंड़याँ नै पूरी तरियां तै नाश करैगी; अर यो उनकी युक्तियाँ के कारण होवैगा। 7 मेरी प्रजा मेरे तै मुड़ जाण म्ह लाग्गी रहवै सै; तोभी वे उननै परमप्रधान की और बुलावै सैं, फेर भी उन म्ह तै कोए भी मेरी महिमा न्ही करदा। 8 हे एप्रैम, मै तेरे ताहीं क्यूँ छोड़ देऊँ? हे इस्राएल, मै किस तरियां तेरे ताहीं दुश्मन के बस म्ह कर दियुँ? मै किस तरियां तेरे ताहीं अदमा की तरियां छोड़ देऊँ, अर सबोयीम की तरियां कर दियुँ? मेरा दिल तो उलट-पुलट होग्या, मेरा मन प्यार के मारे पिंघळ ग्या सै। 9 मै अपणे छो नै भड़कण न्ही दियुँगा, अर ना मै फेर एप्रैम नै नाश करुँगा; क्यूँके मै माणस न्ही परमेसवर सूं, मै तेरे बीच म्ह रहण आळा पवित्र सूं; मै छो करकै ना आऊँगा। 10 वे यहोवा कै पाच्छै-पाच्छै चाल्लैगें; वो तो शेर की तरियां गरजैगा; अर तेरे छोरे पश्चिम दिशा तै थरथरान्दे होए आवैंगे। 11 वे मिस्र तै चिड़ियाँ की तरियां अर अश्शूर के देश तै कबूतरी की ढाळ थरथरान्दे होए आवैंगे; अर मै उननै उन्हे के घरां म्ह बसा दियुँगा, यहोवा की याए वाणी सै। 12 एप्रैम नै झूठ तै, अर इस्राएल के घरान्ने नै छळ तै मेरे ताहीं घेर राख्या सै; अर यहूदा इब ताहीं पवित्र अर बिश्वासयोग्य परमेसवर की और चंचल बण्या रहवै सै।