Ensinar
Ensinar é mandamento e dom. A Bíblia exorta pais, líderes e mestres a transmitir a verdade divina com fidelidade, paciência e sabedoria para as próximas gerações.
Ensinar a Palavra
Toda Escritura é útil para ensinar. Quem ouve as palavras de Jesus e as pratica é como o homem sábio que construiu sobre a rocha.
सम्पूर्ण चुखलो शास्त्र यहोवा–भगवान की अगवायन लारे रची गयी छे आरू शिक्षा, आरू समझने, आरू सुधारने, न्यायपन की शिक्षा क करता लाभदायक छे। ताकि यहोवा–भगवान क जन सिध्द बन, आरू हर एक वारला काम क करता तत्पर होय जाय।
अतरान करीन–करीन जी काही यी वात सोमवीन तिनुक मानता छे चो तीनाक अकलमान मानुस क समान ठरसे जे आपसा घर चट्टान पर बनाड़े।
मसीह क वचन क आपसा दिल मा खुबुत् बठने देवु, आरू सिध्द ज्ञान सहित एक दिसरा क सिकाड़ने आरू चिंता, आरू आपसा–आपसा मन मा फोकटन दया क साथे यहोवा–भगवान क करता भजन आरू बढ़ाईगान आरू आत्मिक गीत गावु।
जोतरी वात पेहल लिखली गय, ची आपसी शिक्षान करता लिखली गय छे कि हामरी धीरज आरू चुखलोशास्त्रन बढ़ावु द्वारा आश हावकजे।
Instruir as gerações
Ensina a criança nos caminhos de Deus. A geração que não conhece o Senhor perde a herança espiritual da fé.
Fidelidade no ensino
Quem ensina com fidelidade merece dupla honra. Cuidado com doutrinas falsas — permaneçam na doutrina de Cristo.
जो डाहडा वारला तयारी करता छे, खास करीन वो वचन सोमवने आरू सिखने मा हावहनत करता छे, दुय गुना विजुत क योग्य समझे जाय। काहकि चुखलो शास्त्र कयता छे, "दांवनेवावा बैल क मुय नी बांधने मजदूर आपसी मजदूरी क हकदार छे।"
पर विटळ बकवाद छे वाच रया, काहकि ओसा मानसे आरू भी ढोंगी भक्ति मा बढ़ता जाय। आरू जिन्दरो वचन सड़े घाव की तरह पसरती जाछे। हुमिनयुस आरू फिलेतुस तीनु मा छे।
जो काही मसीह कि शिक्षा छे ओगो बढ़तो जातो छे आरू ओकामा बन्या नी रवता, ओका साथे यहोवा–भगवान नी; जो काही ओकी शिक्षा मा स्थिर रयता छे, ओका साथे बास भी छे आरू पोर्या भी।
तव तिवारन आधा दाहाड़ा जात रया; ते ईशु मंदिर मा जाईन शिक्षा करने लाग्या। तव यहूदि या चकित होईन कयो, "उका बिना भन्ले विद्या कोसो आव गय?" ईशु हेको जवाब देदु, "मार शिक्षा मारू नी, पुन मारा मुकलनेवावान छे। यदि हेरेन मरजी पार चालवने चाहे, ते त्यो इन शिक्षान विषयमा जान लेसे कि यो यहोवा–भगवानन तरफ से छे या हाव आपसी तरफ से कयतु छे। जु आपने तरफ से काही कयतु छे, त्यो आपसी बढ़ाई चाहतु छे; पुन जु आपसा मकलनेवालान बढ़ाई चाहतु छे त्यो सच्त्यो छे, आरू ओकामा अन्याय नी।