Família
A família é a primeira instituição criada por Deus. Ele a projetou para ser escola de amor, fé e formação de caráter. A Bíblia honra a família e nos ensina a cuidar dela.
Eu e minha casa
Eu e minha casa serviremos ao Senhor. A família que serve a Deus juntos permanece unida e fortalecida em todas as circunstâncias.
और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लोआज चुन लो: सच्चे दिल से एवं निष्ठावान परमेश्वर की सेवा हृदय के मुक्तभाव एवं स्वेच्छा से ही होती हैं। कि तुम किसकी सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।"
और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लोआज चुन लो: सच्चे दिल से एवं निष्ठावान परमेश्वर की सेवा हृदय के मुक्तभाव एवं स्वेच्छा से ही होती हैं। कि तुम किसकी सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।"
उन्होंने कहा, "प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।"
हमारा परमेश्वर यहोवा जैसे हमारे पुरखाओं के संग रहता था, वैसे ही हमारे संग भी रहे, वह हमको त्याग न दे और न हमको छोड़ दे।
Criar os filhos
Instrui a criança no caminho em que deve andar. O lar é a primeira escola de fé e obediência.
लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)
लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये,
और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)
दुष्ट सलाह से बचना
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा,
और अपनी माता की शिक्षा को न तज;
क्योंकि वे मानो तेरे सिर के लिये शोभायमान मुकुट,
और तेरे गले के लिये माला होगी।
व्यभिचार से सावधान
हे मेरे पुत्र, अपने पिता की आज्ञा को मान,
और अपनी माता की शिक्षा को न तज।
और ये आज्ञाएँ जो मैं आज तुझको सुनाता हूँ वे तेरे मन में बनी रहें और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। (इफि. 6:4)
और ये आज्ञाएँ जो मैं आज तुझको सुनाता हूँ वे तेरे मन में बनी रहें और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। (इफि. 6:4)
और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्यव. 6:7, नीति. 3:11,12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)
और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्यव. 6:7, नीति. 3:11,12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)
माता-पिता और बच्चे
हे बच्चों, प्रभु में अपने माता-पिता के आज्ञाकारी बनो, क्योंकि यह उचित है। "अपनी माता और पिता का आदर कर (यह पहली आज्ञा है, जिसके साथ प्रतिज्ञा भी है),
Honrar e amar
Honra teu pai e tua mãe. A família funciona com perdão, paciência e amor incondicional entre todos os seus membros.
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिन तक रहने पाए।
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिन तक रहने पाए।
अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।"पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इसका मतलब सभी व्यक्तियों से प्रेम रखना, हर जगह न कि सिर्फ हमारे नजदीकी लोगों से, जिसमें हमारे दुश्मन भी शामिल है।
तलाक का प्रश्न
जब यीशु ये बातें कह चुका, तो गलील से चला गया; और यहूदिया के प्रदेश में यरदन के पार आया। और बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली, और उसने उन्हें वहाँ चंगा किया।
तब फरीसी उसकी परीक्षा करने के लिये पास आकर कहने लगे, "क्या हर एक कारण से अपनी पत्नी को त्यागना उचित है?" उसने उत्तर दिया, "क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि जिसने उन्हें बनाया, उसने आरम्भ से नर और नारी बनाकर कहा,
‘इस कारण मनुष्य अपने माता पिता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे?’ अतः वे अब दो नहीं, परन्तु एक तन हैं इसलिए जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।" उन्होंने यीशु से कहा, "फिर मूसा ने क्यों यह ठहराया, कि त्यागपत्र देकर उसे छोड़ दे?" उसने उनसे कहा, "मूसा ने तुम्हारे मन की कठोरता के कारण तुम्हें अपनी पत्नी को छोड़ देने की अनुमति दी, परन्तु आरम्भ में ऐसा नहीं था। और मैं तुम से कहता हूँ, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्नी को त्याग कर, दूसरी से विवाह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो उस छोड़ी हुई से विवाह करे, वह भी व्यभिचार करता है।"
चेलों ने उससे कहा, "यदि पुरुष का स्त्री के साथ ऐसा सम्बंध है, तो विवाह करना अच्छा नहीं।" उसने उनसे कहा, "सब यह वचन ग्रहण नहीं कर सकते, केवल वे जिनको यह दान दिया गया है। क्योंकि कुछ नपुंसक ऐसे हैं जो माता के गर्भ ही से ऐसे जन्मे; और कुछ नपुंसक ऐसे हैं, जिन्हें मनुष्य ने नपुंसक बनाया: और कुछ नपुंसक ऐसे हैं, जिन्होंने स्वर्ग के राज्य के लिये अपने आपको नपुंसक बनाया है, जो इसको ग्रहण कर सकता है, वह ग्रहण करे।"
बच्चों को आशीर्वाद
तब लोग बालकों को उसके पास लाए, कि वह उन पर हाथ रखे और प्रार्थना करे; पर चेलों ने उन्हें डाँटा। यीशु ने कहा, "बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।" और वह उन पर हाथ रखकर, वहाँ से चला गया।
धनी नवयुवक का महत्त्वपूर्ण प्रश्न
और एक मनुष्य ने पास आकर उससे कहा, "हे गुरु, मैं कौन सा भला काम करूँ, कि अनन्त जीवन पाऊँ?" उसने उससे कहा, "तू मुझसे भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर।" उसने उससे कहा, "कौन सी आज्ञाएँ?" यीशु ने कहा,
"यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना; अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।"पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इसका मतलब सभी व्यक्तियों से प्रेम रखना, हर जगह न कि सिर्फ हमारे नजदीकी लोगों से, जिसमें हमारे दुश्मन भी शामिल है। उस जवान ने उससे कहा, "इन सब को तो मैंने माना है अब मुझ में किस बात की कमी है?" यीशु ने उससे कहा, "यदि तू सिद्धसिद्ध: "सिद्ध" शब्द का अर्थ सभी भागो में पूर्ण, सम्पूर्ण, लेशमात्र भी कमी न रह जाए। होना चाहता है; तो जा, अपना सब कुछ बेचकर गरीबों को बाँट दे; और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा; और आकर मेरे पीछे हो ले।" परन्तु वह जवान यह बात सुन उदास होकर चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।
तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है। फिर तुम से कहता हूँ, कि परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊँट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है।" यह सुनकर, चेलों ने बहुत चकित होकर कहा, "फिर किसका उद्धार हो सकता है?" यीशु ने उनकी ओर देखकर कहा, "मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।" इस पर पतरस ने उससे कहा, "देख, हम तो सब कुछ छोड़ के तेरे पीछे हो लिये हैं तो हमें क्या मिलेगा?" यीशु ने उनसे कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ, कि नई उत्पत्ति में जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा के सिंहासन पर बैठेगा, तो तुम भी जो मेरे पीछे हो लिये हो, बारह सिंहासनों पर बैठकर इस्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करोगे। और जिस किसी ने घरों या भाइयों या बहनों या पिता या माता या बाल-बच्चों या खेतों को मेरे नाम के लिये छोड़ दिया है, उसको सौ गुना मिलेगा, और वह अनन्त जीवन का अधिकारी होगा। परन्तु बहुत सारे जो पहले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहले होंगे।
एक दूसरे पर कृपालु, और करुणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।
पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।
यदि कोई कहे, "मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूँ," और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है; क्योंकि जो अपने भाई से, जिसे उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
Cuidar da família
Quem não cuida dos seus negou a fé. A família é responsabilidade sagrada — prover, proteger e abençoar é mandamento divino.
पर यदि कोई अपने रिश्तेदारों की, विशेष रूप से अपने परिवार की चिन्ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है।
पर यदि कोई अपने रिश्तेदारों की, विशेष रूप से अपने परिवार की चिन्ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है।
और यदि किसी विधवा के बच्चे या नाती-पोते हों, तो वे पहले अपने ही घराने के साथ आदर का बर्ताव करना, और अपने माता-पिता आदि को उनका हक़ देना सीखें, क्योंकि यह परमेश्वर को भाता है।
कुरिन्थुस की कलीसिया में विभाजन
हे भाइयों, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा विनती करता हूँ, कि तुम सब एक ही बात कहो और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैंबच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं: वे प्रकृति की ओर से परमेश्वर की भक्ति का प्रतिफल हैं वे परमेश्वर की प्रतिज्ञा के अनुसार आशीषें हैं।,
गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
जैसे वीर के हाथ में तीर,
वैसे ही जवानी के बच्चे होते हैं।
क्या ही धन्य है वह पुरुष जिसने अपने तरकश को उनसे भर लिया हो!
वह फाटक के पास अपने शत्रुओं से बातें करते संकोच न करेगा।
परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग,
और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, (लूका 1:50)
अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते
और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।
परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग,
और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, (लूका 1:50)
अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते
और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।
परमेश्वर के लोगों की एकता
देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है
कि भाई लोग आपस में मिले रहें!
Unidade familiar
A coroa dos velhos são os filhos dos filhos. O casamento, os filhos e a comunhão familiar são bênçãos de Deus.
बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं;
और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं;
और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
मित्र सब समयों में प्रेम रखता है,
और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है।
मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है,
परन्तु ऐसा मित्र होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है।
जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना;
और अपनी विपत्ति के दिन, अपने भाई के घर न जाना।
प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम हैप्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है: वास्तव में, मन और आत्मा के निकट रहनेवाला पड़ोसी उससे बेहतर है जो रिश्ते में भाई तो है परन्तु भावनाओं में दूर है।।
हे मेरे पुत्र, यदि तू बुद्धिमान हो,
तो मेरा ही मन आनन्दित होगा।
धर्मी का पिता बहुत मगन होता है;
और बुद्धिमान का जन्मानेवाला उसके कारण आनन्दित होता है।
सुलैमान की ज्ञान की बातें
सुलैमान के नीतिवचन।
बुद्धिमान सन्तान से पिता आनन्दित होता है,
परन्तु मूर्ख सन्तान के कारण माता को शोक होता है।
अपना बाहर का काम-काज ठीक करना,
और अपने लिए खेत को भी तैयार कर लेना;
उसके बाद अपना घर बनाना।
लालची अपने घराने को दुःख देता है,
परन्तु घूस से घृणा करनेवाला जीवित रहता है।
जो अपने घराने को दुःख देता, उसका भाग वायु ही होगा,
और मूर्ख बुद्धिमान का दास हो जाता है।
Casamento e família
O homem deixará pai e mãe e se unirá à sua mulher. A família começa no casamento — aliança sagrada diante de Deus.
इस कारण पुरुष अपने माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा और वे एक ही तन बने रहेंगे। (मत्ती 19:5, मर. 10:7,8, इफि. 5:31)
और परमेश्वर ने उनको आशीष दी; और उनसे कहा, "फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले सब जन्तुओं पर अधिकार रखो।"
अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उसने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है।
पर सृष्टि के आरम्भ से, परमेश्वर ने नर और नारी करके उनको बनाया है। (उत्प. 1:27, उत्प. 5:2) इस कारण मनुष्य अपने माता-पिता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे; इसलिए वे अब दो नहीं, पर एक तन हैं। (उत्प. 2:24) इसलिए जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे।"
अतः जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएँ देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने माँगनेवालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा।"
"क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूध पीते बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हाँ, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। देख, मैंने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के सामने बनी रहती है।
हे प्रियों, अब हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब यीशु मसीह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि हम उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। और जो कोई उस पर यह आशा रखता है, वह अपने आपको वैसा ही पवित्र करता है, जैसा वह पवित्र है।