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1 Reis 8

मनिरति

1 तब इसएलरनिों और ों सब ों इसएलिों वजों घरों रधे, यरशलें अपनइस मनसइकटिा, ि यहसनऊदपअरिऊपर आएँ। (रका. 11:19) 2 अतसब इसएलएतमक तवें महपरतवें महपर: पड़िों िसमें िगमन समय तमें रहनमरण िा। समय इकट3 जब सब इसएलरनिआए, तब जकों सनउठिा। 4 और यहसन, और िपवतमू, और ितनपविउस तमें े, उन सभजक और ऊपर गए5 और और समसइसएलमणडली, उसकइकटी, सब सनमनइतनऔर बलि कर रहे, िनकिनतिि नहीं सकती। 6 तब जकों यहसनउसकअरभवन पविरसें, परमपविै, पहुँकर करों ों तलरख िा। (रका. 11:19) 7 करसनऊपर ऐसे, ि ऊपर सनऔर उसकों ाँे। 8 ऐसलमे, ि उनकिउस पविरसपविरसमनिपडपरनहर िनहीं पडे। आज ितक यहीं वरतमैं। 9 सनें नहीं ा, उन पटिें उसकतर उस समय रखीं, जब यहइसएलिों ििकलनपर उनकाँी। 10 जब जक पविरसिकले, तब यहभवन ें दल भर आययहभवन ें दल भर आया: परमवर उपसिि रतयकि, सनआरम"परमवर महिा" िसकरतिगई (ि. 29:43) और िपवतमवह उसमें समगई ी। 11 और दल रण जक टहल करनखड़े रह सके, ोंि यहयहभवन ें भर गया। (रका. 15:8)

12 तब कहनलगा, "यहकहा, ि ैं धकें िरहूँा। 13 सचमैंिएक सस, वरनऐसबनै, िसमें बनरहे।" 14 तब इसएल सभओर ुँरकर उसकआशिा; और सभखड़ी रही। 15 और उसनकहा, "धनइसएल परमवर यहा! िसनअपनुँिऊद यह वचन िा, और अपनउसिै, 16 ििैं अपनरजइसएल ििा, तब ैंिइसएलनगर नहीं ा, िसमें ििभवन बन; परनैंऊद िा, ि वह रजइसएल अधिो।’ 17 िऊद यह इचि इसएल परमवर यहएक भवन बन18 परनयहिऊद कहा, यह इचै, ि यहएक भवन बन, ऐसइचकरकभलिा; (ि. 7:45,46) 19 उस भवन बनएगा; िा, वहभवन बनएगा।’ 20 यह वचन यहकहा, उसउसनिै, और ैं अपनिऊद पर उठकर, यहवचन अनइसएल गदपर िजमूँ, और इसएल परमवर यहइस भवन बनै। (ि. 7:47) 21 और इसमें ैंएक उस सनिठहरै, िसमें यहवह ै, उसनहमरखििलनसमय उनसाँी।" 22 तब इसएल सभखतयहमनखड़ा , और अपनवरओर कर कहा, यहा! 23 इसएल परमवर! समऊपर वरें, और पर परमवर ै: अपनसममन अपनसमनकर चलतैं, उनकिअपनकरता, और करकरतरहतै। 24 वचन िऊद िा, उसकलन िै, अपनुँकहा, अपनउसकिै, ि आज ै। 25 इसलिअब इसएल परमवर यहा! इस वचन कर, अपनिऊद िा, ें, मनइसएल गदपर िजनसदबनरहेंइतनि वयसमनकर चलतरहा, अपनचलन ें ऐसकसकरें।’ 26 इसलिअब इसएल परमवर अपनवचन अपनिऊद िउससचिकर

27 "परमवर सचमपर करा, वरें वरनसबसवरें नहीं समा, िबनइस भवन ें समएगा। (ि. 17:24) 28 परमवर यहा! अपनथनऔर िि़ाहट ओर लगकर, िहट और यह थन! ैं आज मनकर रहूँ; 29 ि इस भवन ओर अरइसओर िसकिषय कहै, वहाँ रहा,’ िरहें और थनइस ओर करे, उसे। 30 और अपन, और अपनरजइसएल थनिसकइस ओर िि़ा करें उसनना, वरनवरें िस-सा, और नकर षमकरना।

31 "जब िसरअपरकरे, और उसकशपथ ि, और वह आकर इस भवन ें मनशपथ , 32 तब वरें नकर, अरअपनों करकठहरऔर उसकउसिे, और ििठहरकर, उसकिकतअनउसकफल ा। 33 िजब रजइसएल िकरनरण अपनशत, और ओर िरकर और इस भवन ें िि़ाहट थनकरे, 34 तब वरें नकर अपनरजइसएल षमकरना: और उनें इस ें आना, उनकरखिा।

35 "जब िकरें, और इस रण आकबन, ि वर, ऐससमय यदि इस ओर थनकरकें जब उनें ुःै, और अपनिें, वरें नकर षमकरना, 36 और अपनों, अपनरजइसएल षमकरना; उनकवह भलिै, िपर उनें चलनिे, इसलिअपनइस पर, अपनरजगकर िै, बरसा।

37 "जब इस ें अकमरलस ििाँ ़े लगें उनकशतउनकटकों ें उनें रखें, अथविपति ों ों, 38 तब यदि मनरजइसएल अपने-अपनमन ुःेंअपने-अपनमन ुःें: अपनकषिपरमवर े।, और िि़ाहट थनकरकअपनइस भवन ओर ; 39 अपनवरिस-सें नकर षमकरना, और ऐसकरना, ि एक-एक मन नकर उसकसमसअनउसकफल ा: सब मनों मन ों ननै। 40 तब ितनिइस ें रहें, उनकरखिा, उतनितक भय नतरहें।

41 "िपरदरजइसएल ो, जब वह नकर, आए, 42 वह बड़े और बलवनऔर बढ़ासम; इसलिजब ऐसआकर इस भवन ओर थनकरे, 43 तब अपनवरिस-सें , और ििऐसपरदे, उसअनयवहकरनिसससब ों नकर रजइसएल समभय ें, और िचय ें, ि यह भवन िैंबनै, वह कहलै।

44 "जब रजजहाँ कहीं उनें े, वहाँ अपनशतलड़ाकरनिकल ँ, और इस नगर ओर िै, और इस भवन ओर िैंपर बनै, यहथनकरें, 45 तब वरें उनकथनऔर िि़ाहट नकर उनक

46 "िमननहीं ै: यदि िकरें, और उन पर करकउनें शतकर े, और उनकबनबनकर अपनवह ो, िकट, ँ, 47 और यदि आई ें िकरें, और िरकर अपनबनबनों ें िि़ाकर कहें, हमनिा, और िलतऔर टतै;’ 48 और यदि अपनउन शतें उनें बनकरकगए ों, अपनसममन और समओर िें और अपनइस ओर उनकरखिा, और इस नगर ओर िै, और इस भवन ओर िैंबनै, थनकरें, 49 अपनवरिस-सें उनकथनऔर िि़ाहट नना; और उनककरना, 50 और रजिकरेंे, और ितनअपरिकरेंे, सब षमकरके, उनकबनकरनों मन ें ऐसदयउपजि उन पर दयकरें। 51 ोंि रजऔर िैं िें भटमधें अरििै। 52 इसलिें िि़ाहट और रजइसएल िि़ाहट ओर ऐसरहें, ि जब जब ें, तब-तब उनके; 53 ोंि रभयहअपनउस वचन अन, हमरखििलनसमय अपनिा, इन ों अपनििसब िों अलग िै।" 54 जब यहयह सब थनिि़ाहट कर ा, तब वह टनऔर आकओर ा, यहमनउठा, 55 और खड़ा ो, समसइसएलसभवर यह कहकर आशिा, 56 "धनयहा, िसनअपनकथन अनअपनरजइसएल ििै, ितनभलें उसनअपनकहीं, उनमें एक िनहीं रही। 57 हमपरमवर यहहमरखरहता, हमरहे, वह हमकऔर हमके। 58 वह हममन अपनओर ऐसिरखे, ि हम उसकसब ों पर चलकरें, और उसकआजऔर ििाँ और ियम िें उसनहमरखिा, िकरें। 59 और ें िनकैंयहमनिनतै, वह िऔर हमपरमवर यहमन ें बनरहें, और रतििआवशयकतवह अपनऔर अपनरजइसएल िकरे, 60 और इसससब िाँ यह ें, ि यहपरमवर ै; और सरनहीं। 61 मन हमपरमवर यहओर ऐसि लगरहे, ि आज समउसकििों पर चलतऔर उसकआजनतरहो।" 62 तब समसइसएल समयहसमलबलि चढ़ालगा। 63 और पशलबलि ें यहचढ़ा, ईस हजऔर एक हज़ें ीं। इस ि सब इसएलिों समयहभवन रतिी। 64 उस ियहभवन मनगन मधएक पवििऔर मबलि, और अननबलि और लबलिों चरवहीं चढ़ा; ोंि तल यहमनी, वह उनकिी। 65 अतऔर उसकसमसइसएल एक बड़ी सभहमरवश-दकर ितक सब ों इकटी, सपतक अरदह ितक हमपरमवर यहमनपरा। 66 िआठवें िउसनरजों ििा। और धन, धन, कहकर उस सब भलरण यहअपनऊद और अपनरजइसएल ी, आननिऔर मगन कर अपने-अपनचलगए

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