Generosidade
A generosidade é marca do caráter de Deus e vocação do cristão. Deus ama ao que dá com alegria. Quem semeia generosamente, generosamente colherá.
Dar com alegria
Deus ama ao que dá com alegria. Cada um contribua segundo propôs no coração — não com tristeza ou por necessidade.
प्रत्येक जन वैसा ही दान करे जैसा उसने अपने मन में निश्चित किया है, न तो अनिच्छा से और न ही विवश होकर; क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है।
स्मरण रखो, जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा ही काटेगा और जो बहुत बोता है वह बहुत काटेगा। प्रत्येक जन वैसा ही दान करे जैसा उसने अपने मन में निश्चित किया है, न तो अनिच्छा से और न ही विवश होकर; क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है। परमेश्वर तुम्हें सब प्रकार का अनुग्रह बहुतायत से देने में समर्थ है, जिससे तुम सदैव हर बात में संपन्न रहो कि हर भले कार्य के लिए तुम्हारे पास बहुतायत से हो, जैसा लिखा है :
उसने बिखेरा, उसने दरिद्रों को दिया,
उसकी धार्मिकता सदा बनी रहती है।
अब जो बोनेवाले को बीज और भोजन के लिए रोटी देता है, वही तुम्हें बीज देगा और उसे बढ़ाएगा और तुम्हारी धार्मिकता की उपज में वृद्धि करेगा। तुम उस संपूर्ण उदारता के लिए हर बात में धनी किए जाओगे, जो हमारे द्वारा परमेश्वर के प्रति धन्यवाद उत्पन्न करती है; क्योंकि यह सेवाकार्य न केवल पवित्र लोगों के अभावों को पूरा करता है, बल्कि परमेश्वर को बहुत धन्यवाद देने के द्वारा इसकी वृद्धि भी होती है।
अब जो बोनेवाले को बीज और भोजन के लिए रोटी देता है, वही तुम्हें बीज देगा और उसे बढ़ाएगा और तुम्हारी धार्मिकता की उपज में वृद्धि करेगा।
तुम उस संपूर्ण उदारता के लिए हर बात में धनी किए जाओगे, जो हमारे द्वारा परमेश्वर के प्रति धन्यवाद उत्पन्न करती है;
क्योंकि यदि कोई दान देने को उत्सुक हो, तो जो उसके पास है उसी के अनुसार वह दान ग्रहणयोग्य होता है, न कि उसके अनुसार जो उसके पास नहीं है।
Partilhar e abençoar
Quem dá aos pobres empresta ao Senhor. A generosidade abre portas de bênção sobre quem dá e sobre quem recebe.
उदार व्यक्ति संपन्न हो जाता है;
और जो दूसरों की खेती सींचता है,
उसकी भी सींची जाएगी।
कोई तो उदारता से देता है,
फिर भी उसकी बढ़ती होती है;
और कोई तो जितना देना चाहिए उससे कम देता है,
फिर भी उसे घटी ही रहती है।
उदार व्यक्ति संपन्न हो जाता है;
और जो दूसरों की खेती सींचता है,
उसकी भी सींची जाएगी।
अपनी संपत्ति के द्वारा,
और अपनी सारी उपज का पहला भाग देकर
यहोवा का आदर करना।
तब तेरे खत्ते भरे-पूरे रहेंगे,
और तेरे रसकुंड नए दाखरस से उमड़ते रहेंगे।
यदि तुझमें शक्ति हो तो जिनका भला करना चाहिए,
उनका भला करने से न रुकना।
जो कंगाल की दुहाई अनसुनी करता है,
उसकी अपनी पुकार भी सुनी न जाएगी।
O ensino de Jesus
Dai e dar-se-vos-á. A quem te pedir, dá. O que fizestes a um destes mais pequeninos, a mim o fizestes.
दो, तो तुम्हें दिया जाएगा; लोग अच्छे नाप से दबा दबाकर और हिला हिलाकर उमड़ता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे; क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिए भी नापा जाएगा।"
दो, तो तुम्हें दिया जाएगा; लोग अच्छे नाप से दबा दबाकर और हिला हिलाकर उमड़ता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे; क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो उसी से तुम्हारे लिए भी नापा जाएगा।"
प्रत्येक जो तुझसे माँगे, उसे दे, और जो तेरी वस्तुएँ छीने, उससे वापस मत माँग।
इसलिए, यदि तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएँ देना जानते हो, तो तुम्हारा पिता जो स्वर्ग में है, उससे भी बढ़कर अपने माँगनेवालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा।"
जो तुझसे माँगे, उसे दे, और जो तुझसे उधार लेना चाहे, उससे मुँह न फेर।
"इसलिए जब तू दान करे तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसे पाखंडी आराधनालयों और गलियों में करते हैं कि मनुष्यों के द्वारा उन्हें सम्मान मिले; मैं तुमसे सच कहता हूँ, वे अपना प्रतिफल पा चुके। परंतु जब तू दान करे, तो तेरा बायाँ हाथ न जान पाए कि तेरा दाहिना हाथ क्या कर रहा है, ताकि तेरा दान गुप्त रहे; तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझेप्रतिफल देगा।
तब राजा उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुमसे सच कहता हूँ, तुमने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे साथ किया।’
Generosidade de Deus
Se Deus dá sabedoria generosamente a quem pede, quanto mais nos dará Ele forças e suprimento em toda necessidade?
तुममें से यदि किसी को बुद्धि की कमी हो तो वह परमेश्वर से माँगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है, और वह उसे दी जाएगी।
यदि किसी भाई या बहन के पास वस्त्र न हों और उसके पास प्रतिदिन के भोजन की भी कमी हो, और तुममें से कोई उनसे कहे, "कुशल से जाओ, गर्म और तृप्त रहो," परंतु तुम उन्हें वे वस्तुएँ न दो जो उनकी देह के लिए आवश्यक हैं, तो इससे क्या लाभ? इसी प्रकार विश्वास भी, यदि उसके साथ कार्य न हों तो अपने आपमें मरा हुआ है।
उस मनुष्य का भला होता है
क्योंकि वह कृपा करके उधार देता है,
और न्यायपूर्वक अपने कार्य करता है।