Gentileza
A gentileza é fruto do Espírito e marca do cristão maduro. Palavras suaves, gestos de bondade e amor ao próximo — a Bíblia nos chama a tratar todos com graça e compaixão.
Seja gentil
A vossa gentileza seja conhecida de todos. A palavra branda desvia a ira, e a boa conduta atrai os que estão distantes.
सगलू मनसे तोर स्वभाव के जानै परभु के आमै के टेम लिघ्घो हबै।
तुम बाहिर बाले के संग दिमाक लग बेउहार करा, बरतमान टेम लग पूर-पूर फायदा उठाबा। तुम्हर आरो हरमेसा मीठा रहै अउ सालोनी होय, हइ अहसास के संग कि तुमके कउन मनसे के कइसना जबाब दे के हबै।
इहैनिता भगवान के चुने हर पवितर मनसे अउ माया इज्जत के जसना अपन हिरदय हे करुना, भलाई, दया, कोमरता, दीनता अउ धीर धारन के लेया।
Gentileza como fruto
O fruto do Espírito inclui bondade e amabilidade. Amem uns aos outros com afeição fraternal e tratem bem a todos.
पय आतमा के फडुहा माया, खुसी, सान्ति, धीरज, किरपा, दया, बिस्वास, नरम, अउ संयम हबै, असना कामन के बिरोध हे कउ नियम नेहको।
इहैनिता जब तक मउका मिलै हम सबझन के संग निक्खा करी, खासतोर करके बिस्वास करै बाले भाई के संग।
भाईचारा माया अक दूसर लग बने रहै। तुम पहुनाई करैमा झइ बिसरिहा, काखे इहै कारन कुछ मनसे अनजाने हे स्वरगदूतन के अपने इछो पहुनाई करे रथै।
इहैनिता हम अक दूसर के दोस लगामै के छांडके अपनै हे निहचित के लेय कि कउनो अपन भाई के गली हे ठोकड के कारन पइदा झइ करै अउ न जाल बिछामै।
मै तुम्हर लग सही-सही कथो, कि जउन मोर पठोय बाले के सोगत करथै, ऊ मोके सोगत करथै अउ जउन मोके स्वीकार करथै, ऊ मोर पठोय बाले के स्वीकार करथै।