Humildade
A humildade é o caminho da honra verdadeira. Deus resiste aos soberbos, mas dá graça aos humildes. Jesus lavou os pés dos discípulos e nos ensinou que o maior é aquele que serve.
Humilhar-se diante de Deus
Humilhai-vos diante do Senhor e Ele vos exaltará. Quem se humilha será exaltado, e quem se exalta será humilhado.
प्रभु के सामने दीन बनो और वह तुम्हें ऊँचा उठाएगा।
इसलिए परमेश्वर के बलवंत हाथ के नीचे दीनता से रहो, ताकि वह तुम्हें उचित समय पर ऊँचा उठाए।
यहोवा भला और खरा है,
इसलिए वह पापियों को अपना मार्ग दिखाएगा।
वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा,
हाँ, वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखाएगा।
मनुष्य का अहंकार उसे नीचा दिखाएगा,
परंतु विनम्र व्यक्ति आदर प्राप्त करेगा।
विनाश से पहले मनुष्य का हृदय घमंडी हो जाता है,
परंतु सम्मान से पहले नम्रता आती है।
Humildade como virtude
Considerai os outros como superiores a vós mesmos. Revesti-vos de humildade, mansidão e paciência no trato uns com os outros.
स्वार्थ से या अहंकार से कुछ न करो, बल्कि दीनता से दूसरों को अपने से श्रेष्ठ समझो,
हमारे परमेश्वर और पिता की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
अतः तुम परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, करुणा, दयालुता, दीनता, नम्रता और सहनशीलता को धारण करो।
संपूर्ण दीनता और नम्रता के साथ धैर्य रखते हुए प्रेम में एक दूसरे की सह लो,
हे भाइयो, तुम स्वतंत्रता के लिए बुलाए गए हो; इस स्वतंत्रता का प्रयोग शरीर को अवसर देने के लिए न करो, बल्कि प्रेम से एक दूसरे की सेवा करो।
अंततः तुम सब एक मन, करुणामय, भाईचारे का प्रेम रखनेवाले, दयालु और नम्र बनो।
तुम्हारा श्रृंगार बाहरी न हो जैसे बालों का गूँथना और सोने के आभूषण या भड़कीले वस्त्र पहनना, बल्कि यह तुम्हारे मन का छिपा हुआ व्यक्तित्व हो, जो नम्र और शांत स्वभाव के अविनाशी आभूषणों से सुसज्जित हो, जिसका परमेश्वर की दृष्टि में बड़ा मूल्य है।
O exemplo de Jesus
Aprendei de mim, que sou manso e humilde de coração. O maior entre vós seja o que serve — esse é o caminho do Reino.
मेरा जुआ अपने ऊपर उठाओ और मुझसे सीखो, क्योंकि मैं नम्र और मन का दीन हूँ, और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे; क्योंकि मेरा जुआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।"
"इसलिए जब तू दान करे तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसे पाखंडी आराधनालयों और गलियों में करते हैं कि मनुष्यों के द्वारा उन्हें सम्मान मिले; मैं तुमसे सच कहता हूँ, वे अपना प्रतिफल पा चुके।
तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया और उनसे कहा,"यदि कोई प्रथमहोना चाहे तो वह सब से अंतिमऔर सब का सेवक बने।"
और उनसे कहा,"जो कोई मेरे नाम से इस बच्चे को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है; क्योंकि तुम सब में जो छोटा है, वही बड़ा है।"
नम्रता का और यहोवा का भय मानने का प्रतिफल धन,
सम्मान और जीवन हैं।
यहोवा का भय मानने से बुद्धि प्राप्त होती है,
और आदर प्राप्त होने से पहले नम्रता आती है।
घमंड के पीछे-पीछे अपमान भी आता है,
परंतु नम्र लोगों में बुद्धि का वास होता है।
Humildade verdadeira
O que se exige de ti? Praticar a justiça, amar a misericórdia e andar humildemente com teu Deus.
हे पत्नियो, जैसा प्रभु में उचित है, अपने-अपने पतियों के अधीन रहो। हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नियों से प्रेम रखो और उनके प्रति कठोर मत बनो।
आपस में एक सा मन रखो, अभिमानी न हो बल्कि दीनों के साथ संगति रखो। अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न बनो।
और परमेश्वर ने जगत के निम्न और तुच्छ लोगों को, जो कुछ हैं भी नहीं, चुन लिया कि उन्हें जो कुछ हैं, व्यर्थ ठहराए, ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के सामने घमंड न करे।
तुममें बुद्धिमान और समझदार कौन है? यदि कोई है तो वह अपने कार्यों को अच्छे आचरण के द्वारा उस नम्रता में प्रकट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।