Humildade
A humildade é o caminho da honra verdadeira. Deus resiste aos soberbos, mas dá graça aos humildes. Jesus lavou os pés dos discípulos e nos ensinou que o maior é aquele que serve.
Humilhar-se diante de Deus
Humilhai-vos diante do Senhor e Ele vos exaltará. Quem se humilha será exaltado, e quem se exalta será humilhado.
प्रभु के सामने नम्र बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा। (भज. 147:6)
इसलिए परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिससे वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।
तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन होकर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी होकर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुनकर उनका पाप क्षमा करूँगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूँगा।
यहोवा भला और सीधा है;
इसलिए वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा,
हाँ, वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
मनुष्य को गर्व के कारण नीचा देखना पड़ता है,
परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है। (मत्ती 23:12)
नाश होने से पहले मनुष्य के मन में घमण्ड,
और महिमा पाने से पहले नम्रता होती है।
Humildade como virtude
Considerai os outros como superiores a vós mesmos. Revesti-vos de humildade, mansidão e paciência no trato uns com os outros.
स्वार्थ या मिथ्यागर्व के लिये कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
हमारे परमेश्वर और पिता की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
मसीही जीवन
इसलिए परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करुणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो;
अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो,
हे भाइयों, तुम स्वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो; परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन् प्रेम से एक दूसरे के दास बनो।
आशीष के वारिस होने की बुलाहट
अतः सब के सब एक मन और दयालु और भाईचारे के प्रेम रखनेवाले, और करुणामय, और नम्र बनो।
और तुम्हारा श्रृंगार दिखावटी न हो, अर्थात् बाल गूँथने, और सोने के गहने, या भाँति-भाँति के कपड़े पहनना। वरन् तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है।
O exemplo de Jesus
Aprendei de mim, que sou manso e humilde de coração. O maior entre vós seja o que serve — esse é o caminho do Reino.
मेरा जूआजूआ: उचित रेखा में हल चलाने के लिए बैलों की गर्दन पर रखा जानेवाला लकड़ी का साधन (गिनती 19:2; व्यवस्था 21:3) अपने ऊपर उठा लो; और मुझसे सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हलका है।"
"इसलिए जब तू दान करे, तो अपना ढिंढोरा न पिटवा, जैसे कपटी, आराधनालयों और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उनकी बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूँ, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उनसे कहा, "यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सबसे छोटा और सब का सेवक बने।"
और उनसे कहा, "जो कोई मेरे नाम से इस बालक को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है, क्योंकि जो तुम में सबसे छोटे से छोटा है, वही बड़ा है।"
नम्रता और यहोवा के भयनम्रता और यहोवा के भय: नम्रता का प्रतिफल यहोवा का भय, "धन-सम्पति, सम्मान और जीवन है। मानने का फल धन,
महिमा और जीवन होता है।
यहोवा के भय मानने से बुद्धि की शिक्षा प्राप्त होती है,
और महिमा से पहले नम्रता आती है।
जब अभिमान होता, तब अपमान भी होता है,
परन्तु नम्र लोगों में बुद्धि होती है।
Humildade verdadeira
O que se exige de ti? Praticar a justiça, amar a misericórdia e andar humildemente com teu Deus.
हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? (मत्ती 23:23, यशा. 1:17)
मसीही परिवार के लिये नियम
हे पत्नियों, जैसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने-अपने पति के अधीन रहो। (इफि. 5:22) हे पतियों, अपनी-अपनी पत्नी से प्रेम रखो, और उनसे कठोरता न करो।
आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। (नीति. 3:7, यशा. 5:21)
और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, वरन् जो हैं भी नहीं उनको भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के सामने घमण्ड न करने पाए।
सच्चा विवेक
तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चाल-चलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है।