Irmãos de Jesus
Os irmãos de Jesus são mencionados nos Evangelhos. Embora inicialmente céticos sobre sua missão, alguns, como Tiago, tornaram-se líderes da igreja primitiva.
Menções nos Evangelhos
Jesus teve irmãos chamados Tiago, José, Simão e Judas. Eles conviveram com Ele na casa de Nazaré e participaram de sua vida pública.
क्या यह बढ़ई का पुत्र नहीं है? क्या इसकी माता का नाम मरियम नहीं, और इसके भाई याकूब, यूसुफ, शमौन और यहूदा नहीं? और क्या इसकी सब बहनें हमारे साथ नहीं हैं? फिर इसे यह सब कहाँ से मिला?"
सच्चा परिवार
अभी वह भीड़ से बातें कर ही रहा था कि देखो, उसकी माता और भाई बाहर खड़े थे और उससे बात करना चाहते थे।
सच्चा परिवार
तब उसकी माता और उसके भाई आए, और उन्होंने बाहर खड़े होकर उसे बुलावा भेजा। भीड़ उसके चारों ओर बैठी थी, और उन्होंने उससे कहा, "देख, तेरी माता, तेरे भाई और तेरी बहनें तुझे बाहर ढूँढ़ रही हैं।" इस पर उसने उनसे कहा,"कौन है मेरी माता और मेरे भाई?" अपने चारों ओर बैठे हुए लोगों की ओर देखकर उसने कहा,"देखो, ये हैं मेरी माता और मेरे भाई। क्योंकि जो कोई परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वही मेरा भाई, मेरीबहन और माता है।"
सच्चा परिवार
अब यीशु की माता और उसके भाई उसके पास आए, परंतु भीड़ के कारण उससे मिल नहीं सके।
Da incredulidade à fé
Os irmãos de Jesus não criam nele inicialmente. Mas após a ressurreição, estavam entre os discípulos em oração.
इसलिए उसके भाइयों ने उससे कहा, "यहाँ से निकलकर यहूदिया को चला जा ताकि तेरे शिष्य भी उन कार्यों को देखें जिन्हें तू करता है। क्योंकि ऐसा कोई नहीं है जो प्रसिद्ध होना चाहे और छिपकर कार्य करे। यदि तू इन कार्यों को करता है तो अपने आपको जगत पर प्रकट कर।" क्योंकि उसके भाई भी उस पर विश्वास नहीं करते थे।
यीशु ने उससे कहा,"मुझे मत छू, क्योंकि मैं अभी तक पिता के पास ऊपर नहीं गया हूँ। परंतु तू मेरे भाइयों के पास जा और उन्हें बता, ‘मैं अपने पिता और तुम्हारे पिता, अपने परमेश्वर और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जा रहा हूँ।’ "
ये सब कई स्त्रियों और यीशु की माता मरियम तथा उसके भाइयों के साथ एक मन होकर प्रार्थना में लगे हुए थे।
परंतु प्रभु के भाई याकूब को छोड़ अन्य किसी प्रेरित से नहीं मिला।
परमेश्वर को, जिसके लिए और जिसके द्वारा सब कुछ है, यह उचित लगा कि वह अपने अनेक पुत्रों को महिमा में लाने के लिए उनके उद्धार के कर्ता को दुःख उठाने के द्वारा सिद्ध करे। क्योंकि पवित्र करनेवाला और पवित्र किए जानेवाले सब एक ही मूल से हैं, इसी कारण वह उन्हें भाई कहने से लज्जित नहीं होता,