परमेश्वर की दया के लिए प्रार्थना
यात्रा का गीत।
1 हे स्वर्ग में विराजमान,
मैं अपनी आँखें तेरी ओर उठाता हूँ!
2 देख, जैसे दासों की आँखें अपने स्वामी के हाथ की ओर,
और दासियों की आँखें अपनी स्वामिनी के
हाथ की ओर लगी रहती हैं,
वैसे ही हमारी आँखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर
उस समय तक लगी रहेंगी,
जब तक वह हम पर अनुग्रह न करे।
3 हम पर अनुग्रह कर,
हे यहोवा, हम पर अनुग्रह कर,
क्योंकि हमने बहुत अपमान सह लिया है।
4 हमारा मन अभिमानी लोगों के ठट्ठों से,
और अहंकारियों के अपमान से भर चुका है।