Pular para o conteúdo
Publicidade

Psalms 39

वन असरकि

िशक यदिऊद भजन

1 ैंकहा, "ैं अपनल-चलन कसकरूँ

ि ो।

जब तक ्‍मनै,

ैं अपनुँपर लगलगरहूँा।"

2 ैं पचऔर ांरहा,

ैं भलओर रहा;

और ुःबढ़ गया।

3 दय तर तर जल उठा;

चते-चतआग भड़क उठी।

तब ैं अपनउठ:

4 यहा, ऐसकर ि ैं अपनूँ,

और यह ि आयिितनैं।

ैं ूँ ि ैं षणभूँ।

5 , आयितन39:5 अक्षरशः हाथ भर की रखै,

और वनक्‍ि ें नहीं।

ि्‍चय हर एक मन,

ितनिों ो,

िसमै। ा।

6 ि्‍चय हर मनसमचलता-िरतै;

सचमयरघबरैं।

मनधन चय करत

पर नहीं नति उसा।

7 अब रभु, ैं िरतकरूँ?

आशपर लगै।

8 सब अपरों े।

िंकर सके।

9 ैं पचरहा; ैंअपनुँनहीं

ोंि यह िै।

10 िपति पर उसकर,

ोंि ैं ूँ।

11 मनअधरिाँट-फटककर ड़नै,

और उसिलगत

उसऐसनष्‍कर

वसै।

सचमहर मनसमै। ा।

12 "यहा, थन,

और पर लगा।

खकर रह,

ोंि ैं रहनएक परदूँ,

और अपनसब वजों समूँ।

13 इससपहलि ैं चलऔर रहूँ,

अपनभर्‍ि पर हट

ि ैं िआनिँ।"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também