1 हे यहोवा, तेरे सामर्थ्य से राजा आनंदित होगा,
और तेरे किए हुए उद्धार से वह अति मगन होगा।
2 तूने उसके मनोरथ को पूरा किया है,
और उसके होठों की विनती को
तूने अस्वीकार नहीं किया।
सेला।
3 तू उत्तम आशिषों के साथ उससे मिलता है,
और उसके सिर पर कुंदन का मुकुट पहनाता है।
4 उसने तुझसे जीवन माँगा,
और तूने उसे वह दे दिया;
तूने उसे युगानुयुग का जीवन दे दिया।
5 तेरे उद्धार के कारण उसकी महिमा बढ़ गई है;
तू उसे वैभव और ऐश्वर्य से विभूषित करता है।
6 तूने उसे सर्वदा के लिए आशिषें दी हैं;
और तू उसे अपनी उपस्थिति के हर्ष
और आनंद से भर देता है।
7 इस कारण राजा का भरोसा यहोवा पर है,
और वह परमप्रधान की करुणा के कारण डगमगाएगा नहीं।
8 तेरा हाथ तेरे सब शत्रुओं को ढूँढ़ निकालेगा;
तेरा दाहिना हाथ तेरे बैरियों को पकड़ लेगा।
9 जब तू प्रकट होगा,
तो तू उन्हें जलती हुई भट्ठी के समान जलाएगा।
यहोवा उन्हें अपने क्रोध में निगल जाएगा,
और आग उन्हें भस्म कर डालेगी।
10 तू उनकी संतान को पृथ्वी पर से,
और उनके वंश को मनुष्यों में से मिटा देगा।
11 यद्यपि उन्होंने तेरी हानि करने की ठानी है और षड्यंत्र रचा है,
पर वे सफल न होंगे।
12 क्योंकि जब तू अपना धनुष उन पर तानेगा,
तो वे पीठ दिखाकर भाग जाएँगे।
13 हे यहोवा, अपने सामर्थ्य में तू अति महान हो!
हम गा गाकर तेरे पराक्रम की स्तुति करेंगे।