सिय्योन की पुनर्स्थापना
यात्रा का गीत।
1 जब यहोवा सिय्योन के बंधकों को लौटा ले आया
तो हम स्वप्न देखनेवालों के समान हो गए।
2 तब हमारे चेहरे खिल उठे,
और हम जय जयकार करने लगे।
तब जाति-जाति में यह चर्चा होने लगी :
"यहोवा ने इनके लिए बड़े-बड़े कार्य किए हैं।"
3 यहोवा ने हमारे लिए बड़े-बड़े कार्य किए हैं,
और हम आनंदित हैं।
4 हे यहोवा, मरुस्थल में धाराओं के समान
हमारे बंधकों को लौटा ले आ।
5 जो आँसू बहाते हुए बोते हैं,
वे जय जयकार करते हुए काटेंगे।
6 बोनेवाला चाहे बीज लेकर रोता हुआ जाए,
फिर भी वह निश्चय पूलियाँ लिए
जय जयकार करता हुआ लौट आएगा।